
Gyanvapi Survey: ज्ञानवापी सर्वे रिपोर्ट में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने कहा, मस्जिद से पहले यहाँ बड़ा हिन्दू मंदिर था। रिपोर्ट में लिखा है “पश्चिमी दिवार” एक हिंदू मंदिर का हिस्सा है। यहां पर खम्बों और कमल के निशान तोड़ा गया। 32 ऐसी जगह है, जहां हिंदू मंदिर के हिस्से थे। पुराने हिन्दू मंदिर के समान को मस्जिद बनाने के लिये इस्तेमाल किया गया। देवनागरी, तेलुगु और कन्नड़ तीन भाषाओं में जनार्दन, रुद्र और उम्मेश्वर लिखा मिला है। तहख़ाने में हिन्दू देवी देवताओं की मूर्तियाँ मिली हैं। 17वीं शताब्दी में मंदिर को औरंगजेब के समय तोड़ा गया।
मस्जिद का पश्चिमी दीवार मंदिर का हिस्सा
ज्ञानवापी मस्जिद पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की रिपोर्ट से यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है, कि मौजूदा संरचना (मस्जिद) के निर्माण से पहले वहां एक बड़ा हिंदू मंदिर मौजूद था। मस्जिद का पश्चिमी दीवार पहले से मौजूद हिंदू मंदिर का शेष हिस्सा है।
2 सितंबर, 1669 को ढहाया गया मंदिर
एएसआई ने सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक 2 सितंबर, 1669 को मंदिर को ढहाया गया था। मंदिर के पिलर को मस्जिद बनाने में इस्तेमाल किया गया। एएसआई सर्वे के दौरान S2 तहखाने में हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियां मिली। एएसआई रिपोर्ट के अनुसार मस्जिद की पुरानी दीवार मंदिर का हिस्सा है। जिसे आसानी से पहचाना जा सकता है। 17वीं शताब्दी में मंदिर को तोड़कर उसे मस्जिद के लिए इस्तेमाल किया गया।









