26/11 हमले पर तत्कालीन केंद्र सरकार ने नहीं दिखाई दृढ इच्छाशक्ति, देश ने गंवाए थे अपने 7 जांबाज

साल 2008 में मुंबई के 26/11 आतंकी हमले ने ना केवल मुंबई बल्कि पुरे देश को झकझोर कर रख दिया। 26 नवंबर 2008 को मुंबई के ताज होटल में हुआ यह आतंकी हमला कट्टर इस्लामिक आतंकवाद का वह घिनौना चेहरा था जिससे आज पूरा विश्व लड़ रहा है। 26/11 मुंबई हमले को एक बड़ा इंटेलिजेंस फेलियर (Intelligence Failure) भी माना जाता है।

दरअसल, 26/11 आतंकी हमले के पहले अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए (CIA) और इजरायल की खुफिया एंजेसी ‘मोसाद’ ने मुंबई पुलिस, भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल को रॉ (RA&W) और आईबी (IB) के मल्टी एजेंसी सेंटर के माध्यम से कुछ विशिष्ट खुफिया जानकारियां सांझा की गयी थी बावजूद इसके सुरक्षा बल आतंकी हमलों या घुसपैठ करने वाले जहाज को नहीं रोक सके।

इतने बड़े स्तर पर इस्लामिक आतंकवाद के कारण भारत में हुए भीषण नरसंहार के बावजूद भी भारत की तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार ने कमजोर इच्छाशक्ति का परिचय दिया था। इस बात का जिक्र भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने एक मीडिया एजेंसी से 27 दिसंबर 2019 को दिय गए इंटरव्यू में किया था।

पूर्व वायु सेना प्रमुख ने खुलासा किया कि, 26/11 के मुंबई आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान पर हमला करने के प्रस्ताव को भारत कि तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार से खारिज कर दिया था। धनोआ ने आगे कहा कि भारतीय वायु सेना पाकिस्तान में आतंकी शिविरों के बारे में जानती थी और वह हमले के लिए पूरी तरह से तैयार बैठी थी ‘लेकिन यह एक राजनीतिक फैसला था जिसे तय करना था की हमला करें या ना करें।

बीएस धनोआ ने अप्रत्यक्ष रूप से यही कहा कि कांग्रेस कि तत्कालीन केंद्र सरकार ने इस्लामिक आतंक से लड़ने के लिए राजनैतिक लाभ-हानि का आंकलन करते हुए दृढ इच्छाशक्ति का प्रदर्शन ही नहीं किया जिसका परिणाम यह रहा कि 26/11 के नृशंश हमले के बाद हमने अपने 7 जांबाजो को खो दिया और इस्लामिक आतंक के खिलाफ कोई निर्णय ही नहीं ले सके।

कू-अपडेट

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26/11 आतंकी हमले की बरखी पर शहीदों को याद करते हुए सोशल मीडिया साइट कू पर लिखा है, ”मुंबई 26/11 आतंकी हमले में काल-कवलित हुए सभी निर्दोष नागरिकों व माँ भारती की रक्षा हेतु बलिदान देने वाले समस्त वीर जवानों को भावपूर्ण नमन व विनम्र श्रद्धांजलि। हम सभी उनके शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। आइए, एकजुट होकर आतंकवाद को जड़ से मिटाने हेतु संकल्पित हों।”

यूपी के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने भी 26/11 आतंकी हमले की बरखी पर अमर शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लिखा है,”26/11 के मुंबई आतंकी हमले में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद जवानों, पुलिस कर्मियों और निर्दोष नागरिकों को विनम्र श्रद्धांजलि! मातृभूमि की रक्षा हेतु अपना सर्वोच्च बलिदान देने के लिए भारतभूमि आप सभी की सदैव ऋणी एवं कृतज्ञ रहेगी।”

मुंबई के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी शहीदों को याद करते हुए सोशल मीडिया साइट कू पर पोस्ट किया है,”हमारी मातृभूमि के वीर सपूतों को मेरा सलाम और विनम्र श्रद्धांजलि जिन्होंने 26/11 में आतंकवादियों से लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी।”

भारत के पूर्व कानून और न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने 26/11 स्मृति दिवस पर अपनी भावना व्यक्त करते हुए कू पर लिखा है, ”26/11 के मुंबई आतंकवादी हमले में अपनी जान गंवाने वाले साहसी शहीदों और निर्दोष पीड़ितों को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि। मैं हमारे सुरक्षा कर्मियों की असाधारण बहादुरी को सलाम करता हूं जिन्होंने हमारे देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।”

भारत के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी 26/11 स्मृति दिवस शहीदों को याद करते हुए कू पर पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा है,”मुंबई में 26/11 को हुए आतंकी हमले में शहीद सभी को विनम्र श्रद्धांजलि और इस हमले का डटकर सामना करने वाले वीर सुरक्षाकर्मियों को नमन।”

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