राम गबन विवाद के बीच चंपत राय का पहला बयान-‘मेरा जीवन खुली किताब, SIT की फाइनल रिपोर्ट के बाद दूंगा जवाब’

अयोध्या राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भीतर रामधन गबन विवाद और बैंक खातों के संचालन को लेकर मचे भारी घमासान के बीच, पूर्व महासचिव चंपत राय का पहला और सबसे बड़ा आधिकारिक बयान सामने आया है। चौतरफा दबाव और कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी के हालिया खुलासों के बाद, चंपत राय ने देश और दुनिया भर के रामभक्तों के नाम एक बेहद भावुक और महत्वपूर्ण चिट्ठी जारी की है। इस पत्र के जरिए उन्होंने खुद पर लग रहे सभी वित्तीय आरोपों पर पलटवार किया है और जांच को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।

चंपत राय ने चिट्ठी में अपने मौजूदा रुख की घोषणा करते हुए लिखा, “इस पूरे विवाद पर मैंने फिलहाल पूर्ण रूप से मौन धारण कर लिया है। मेरे ऊपर जितने भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह से अनर्गल और बेबुनियाद हैं। मेरा पूरा जीवन एक खुली किताब की तरह रहा है और मुझे किसी भी जांच से डर नहीं है।”

जल्द सामने आएगी सच्चाई:
चंपत राय ने रामभक्तों को आश्वस्त करते हुए पत्र के अंत में लिखा है कि सत्य को परेशान किया जा सकता है, लेकिन पराजित नहीं। उन्होंने कहा कि मामला बेहद संवेदनशील है, इसलिए वे इस समय कोई भी बयान देकर जांच को प्रभावित नहीं करना चाहते। जैसे ही एसआईटी (SIT) की अंतिम और फाइनल रिपोर्ट सामने आएगी, वह खुद प्रेस के सामने आकर दूध का दूध और पानी का पानी करेंगे। उन्होंने भक्तों से धैर्य रखने और ट्रस्ट की शुचिता पर विश्वास बनाए रखने की अपील की है। चंपत राय के इस ‘मौन’ और चिट्ठी ने अयोध्या से लेकर दिल्ली तक के सियासी गलियारों में एक बार फिर नई बहस छेड़ दी है।

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