बागपत:- जिंदगी छीनने वाले अपने ही थे, गांव ने निभाई इंसानियत,अंकिता को दी अंतिम विदाई

पुलिस ने उसके पास से हत्या की वारदात में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया। और आरोपी जेठ को कोर्ट में पेश के जेल भेज दिया।

एंकर:- बागपत के खेकड़ा क्षेत्र के हसनपुर मसूरी गांव से रिश्तों की कत्ल करने देने वाली घटना सामने आई हैं, जहां रिश्तों को शर्मसार करते हुए जेठ ने अपने ही छोटे भाई की पत्नी की गोली मारकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया। लेकिन इस दर्दनाक वारदात के बीच गांव वालों ने जो इंसानियत दिखाई, उसने सभी का दिल जीत लिया। मृतक अंकिता की अंतिम विदाई देने के लिए पूरा गांव आ गया, लेकिन मृतक अंकिता के मायके वाले भी अंतिम विदाई में नहीं पहुंचे। इतना ही नहीं जिस रिश्तेदार ने अंकिता की शादी कराई थी वो भी उसकी अंतिम विदाई में नहीं पहुंचा।

हसनपुर मसूरी निवासी प्रॉपर्टी डीलर जयराम की शादी करीब दो साल पहले दिल्ली की रहने वाली अंकिता से हुई थी। दिसंबर 2025 में जयराम की एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी, जिसके बाद अंकिता अपने ससुराल में ही रह रही थी। पति की मौत के बाद संपत्ति को लेकर परिवार में विवाद शुरू हो गया था। जेठ परविंदर संपत्ति के बंटवारे को लेकर अंकिता पर दबाव बना रहा था। वह जमीन और मकान में हिस्सेदारी मांग रहा था, जबकि अंकिता इसका विरोध कर रही थी।

वही संपत्विति के विवाद में गुरुवार को हिंसक रूप ले लिया, और जेठ परविंदर ने तमंचे से दो गोली मारकर विधवा अंकिता को मौत के घाट उतार दिया। और हत्या की वारदात को अंजाम देकर घटना स्थल से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलने पर जिले के अधिकारी पुलिस फोर्स के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हत्या आरोपी जेठ परविंदर महिला की हत्या के बाद खुद ही कोतवाली पहुंचकर हत्या की घटन को स्वीकार किया। और पुलिस ने उसके पास से हत्या की वारदात में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया। और आरोपी जेठ को कोर्ट में पेश के जेल भेज दिया।

रिश्तों को शर्मसार करने वाला घटना जब सामने आई तब मृतक अंकिता के अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हुई। क्योंकि अंकिता की अंतिम विदाई में ना तो उसके मायके वाले और ना ही कोई रिश्तेदार शामिल होने नहीं पहुंचा। क्योंकि अंकिता के माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी और दिल्ली के बुराड़ी में रहने वाले रिश्तेदार ने शादी कराई थी। उसकी मौत होने पर वह भी यहां नहीं आए। इसलिए डूंडाहेड़ा पुलिस चौकी प्रभारी एसआई कुलजीत सिंह ने परविंदर के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई। हत्यारोपी परविंदर खुद ही कोतवाली पहुंच गया और उसकी पत्नी, बच्चे रिश्तेदारी में चले गए।

अंकिता का शुक्रवार को पोस्टमार्टम होने के बाद शव गांव में पहुंचा तो हर कोई यह सोचने लगा कि उसका अंतिम संस्कार कैसे होगा। शव गांव में आने पर ग्रामीण एकत्र हुए और मिलकर अंकिता का अंतिम संस्कार करके मानवता दिखाई।

खेकड़ा सीओ रोहन चौरसिया ने बताया कि, अंकिता के हत्यारोपी जेठ परविंदर को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद किया गया है। इसके बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।

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