
डेस्क : बलूच नेता मीर यार बलूच ने यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल, यूरोपियन पार्लियामेंट के सदस्यों, ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन, OIC के सदस्य देशों, इंटरनेशनल कम्युनिटी और ग्लोबल मीडिया को बलूचिस्तान आने का न्योता दिया। उनका कहना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि पाकिस्तान और उसकी मिलिट्री द्वारा कथित रूप से छिपाई जा रही वास्तविकताओं को खुद देख सकेंगे।
मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर पोस्ट में मीर यार बलूच ने कहा कि “रिपब्लिक ऑफ़ बलूचिस्तान” इंटरनेशनल मेहमानों और प्रतिनिधियों की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी लेगा।” उन्होंने बताया कि स्थानीय अधिकारियों और जनता की मदद से आने वाले डेलीगेशन को बलूचिस्तान के विभिन्न हिस्सों में घूमने में सुविधा मिलेगी।
Breaking News,
— Mir Yar Baloch (@miryar_baloch) February 5, 2026
The terrorist Pakistan can't mislead the UNSC and international bodies any more.
The Republic of Balochistan invites UNSC, OIC, Human rights and international media to visit Balochistan and know the ground reality
5th February 2026
The Republic of Balochistan… pic.twitter.com/6BRGRcUwSC
पोस्ट में दावा किया गया कि डेलीगेशन को कथित सामूहिक कब्रों पर ले जाया जाएगा, जहाँ DNA सैंपल लिए जाएंगे और दशकों से लापता लोगों के परिवारों से मिलान किया जा सकेगा। मीर यार बलूच का आरोप है कि इन लोगों को पिछले आठ दशकों से पाकिस्तानी मिलिट्री ने हिरासत में रखा।
इसके अलावा, डेलीगेशन को डेरा बुगती और सुई में गैस फील्ड, सैंदक और रेको दिक में सोने की खदानें, और माच, हरनाई और चामलिंग में कोयले की खदानें दिखाई जाएंगी, ताकि स्थानीय बलूचों के कथित शोषण को देखा जा सके।
मीर यार बलूच ने कहा कि इन दौरों से इंटरनेशनल कम्युनिटी को बलूचिस्तान पर पाकिस्तान के कब्जे को देखने और बलूच आज़ादी के लिए समर्थन को डॉक्यूमेंट करने का मौका मिलेगा। उन्होंने बलूच रिप्रेजेंटेटिव को यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल में शामिल करने की भी मांग की।
मीर यार बलूच ने पाकिस्तान की आलोचना करते हुए कहा कि उसने बलूचिस्तान को “टेररिज्म” का लेबल दिया, जबकि बलूचिस्तान कोई आतंकवादी एंटिटी नहीं है, बल्कि स्टेट और मिलिट्री टेररिज्म का शिकार है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे बलूचिस्तान के लोगों की आवाज़ उनके प्रतिनिधियों के जरिए सुनें, न कि पाकिस्तान की एकतरफ़ा कहानी के आधार पर।









