बैंक ऑफ़ बड़ौदा का अनुमान, GST कटौती से FY26 में खपत बढ़कर 1 लाख करोड़ तक पहुंच सकती है

यह कदम वित्त मंत्री द्वारा घोषित व्यापक GST सुधारों के बीच आया है, जिसका उद्देश्य स्लैब को सरल बनाना और दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर दरें कम करना है।

बैंक ऑफ़ बड़ौदा (BoB) ने अनुमान लगाया है कि हाल ही में लागू GST दरों में कटौती से वित्त वर्ष 2026 में खपत में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का इजाफा होगा। 10 सितंबर 2025 को जारी रिपोर्ट के अनुसार, 22 सितंबर से प्रभावी होने वाली यह दरों की सुधार नीति देश की GDP में 0.2-0.3% तक योगदान देगी।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि आवश्यक वस्तुओं पर कर कम होने से उपभोक्ताओं की बचत बढ़ेगी और विभिन्न क्षेत्रों में मांग में वृद्धि होगी। BoB के विश्लेषण के अनुसार, मुद्रास्फीति में 40 बेसिस पॉइंट की कमी आने की संभावना है, जबकि SBI Research ने खाद्य और कोर कैटेगरीज में 65-75 bps राहत का अनुमान लगाया है।

यह कदम वित्त मंत्री द्वारा घोषित व्यापक GST सुधारों के बीच आया है, जिसका उद्देश्य स्लैब को सरल बनाना और दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर दरें कम करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रारंभिक राजस्व हानि बढ़ती आर्थिक गतिविधि से संतुलित हो जाएगी।

FMCG और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टर्स इससे लाभान्वित होंगे, जिनमें महिंद्रा जैसी कंपनियों ने कुछ मॉडलों की कीमतों में 1.56 लाख रुपये तक की कटौती कर दी है।

22 सितंबर, 2025 से लागू सुधारों में मुख्य रूप से 5% और 18% दरों को मानकीकृत किया गया है। पहले के 0%, 5%, 12%, 18%, 28% स्लैब को ध्यान में रखते हुए आवश्यक वस्तुएँ सस्ती होंगी।

हालांकि, कुछ रिपोर्टों में FY26 के लिए केंद्रीय राजस्व में 3,700 करोड़ रुपये की हानि की चेतावनी दी गई है, लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भरोसा जताया है कि यह फिस्कल लक्ष्यों को प्रभावित नहीं करेगा। अगस्त में GST संग्रह में 6.5% YoY वृद्धि हुई, जो 1.86 लाख करोड़ रुपये थी।

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