
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को अभी डेढ़ साल से अधिक समय बाकी है, लेकिन राजनीतिक गर्माहट पहले से ही बढ़ने लगी है। इस बीच, सपा चीफ और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि समाजवादी पार्टी 75 जिलों के लिए अलग-अलग ‘लोकल मैनिफेस्टो’ पेश करेगी।
कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने यह घोषणा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शुक्रवार, 12 सितंबर को की। उन्होंने लिखा कि मथुरा-वृंदावन, हाथरस, आगरा सहित सभी प्रमुख जिलों के लिए विशेष घोषणापत्र तैयार किए जाएंगे।
“लोकल मैनिफेस्टो” के पीछे सपा का तर्क
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में स्पष्ट किया कि प्रत्येक स्थान विशेष के लिए लोकल मैनिफेस्टो बनाने की रणनीति के पीछे कई कारण हैं:
- वर्चस्ववादियों द्वारा उत्पीड़न और सामाजिक भेदभाव की स्थिति का खात्मा।
- आर्थिक गतिविधियों में अवरोध और घटते आय-रोज़गार के साधनों को बढ़ावा।
- भाजपा शासन में भ्रष्टाचार से उत्पन्न नकारात्मक राजनीतिक हालात।
- सत्तापोषित भूमाफ़ियों और बाहरी ठेका-माफ़ियाओं का दबदबा।
- स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं की बदहाली।
- स्थानीय किसानों, मज़दूरों, युवाओं, महिलाओं, कारीगरों और कारोबारियों की अनदेखी।
- लंबे समय से चली आ रही संरचनात्मक सुधारों की मांगों की उपेक्षा।
- स्थानीय अपेक्षाओं और बुनियादी ज़रूरतों की पूरी तरह अनदेखी।
प्रदेश के लिए आदर्श मॉडल की पेशकश
अखिलेश ने कहा कि ‘लोकल मैनिफेस्टो’ एक सार्थक पहल है, जो पूरे प्रदेश के लिए आदर्श मॉडल बन सकती है। इन घोषणापत्रों के माध्यम से स्थानीय मुद्दों जैसे सड़क, फ़्लाईओवर, बिजली, पानी, जलभराव, ट्रैफ़िक जाम, पक्की गलियाँ और अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चरल डेवलपमेंट पर समयबद्ध कार्य किया जाएगा।
सपा चीफ ने यह भी जोड़ा कि जनता आज भी समाजवादियों के कामों को याद करती है और उन पर भरोसा करती है। ऐसे प्रयासों से समाजवादी सरकार फिर से यूपी में स्थापित होगी, और राज्य को अमन-चैन और खुशहाली के मार्ग पर ले जाएगी।
पोस्ट के अंत में अखिलेश यादव ने जोर देकर लिखा, “ये है पीडीए की महापुकार, हम बनाएंगे अपनी सरकार।”









