
प्रयागराज- मौनी अमावस्या पर ‘शाही स्नान’ को लेकर माघमेला में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के रुख की वजह से साधु-संतों में बड़ी नाराजगी देखने को मिल रही है.
जानकारी के लिए बता दें कि माघमेला के दौरान जो विवाद खड़ा हुआ है कि उसकी वजह ये है कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मौनी अमावस्या पर शाही स्नान की मांग को लेकर ज़िद पकड़ ली, जबकि माघमेला में परंपरागत रूप से शाही स्नान की परिपाटी नहीं होती.
इस मामले में पुलिस और मेला प्रशासन ने नई परंपरा शुरू करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया और अत्यधिक भीड़ को देखते हुए शंकराचार्य से सामान्य स्नान करने का आग्रह किया.
इस मुद्दे पर साधु-संतों के एक वर्ग में नाराज़गी देखी गई.इस पूरे मामले में संतों का कहना है कि शाही स्नान केवल अर्धकुंभ और कुंभ में होता है, माघमेला में नहीं. ऐसे में नई परंपरा शुरू करने की कोशिश उचित नहीं है.









