
देवरिया जिले में सरकारी धन का जमकर बंदरबांट किया जा रहा है और अधिकारी जांच के नाम पर खानापूर्ति कर रहे है। मामला भाटपाररानी ब्लाक के करही भुवन प्राथमिक स्कूल का है, जहां 3 वर्ष पहले स्कूल के कायाकल्प के लिए करीब दो लाख रुपए ग्राम विकास अधिकारी द्वारा निकाल लिए गए लेकिन मौके पर ना तो फर्श पर टाइल्स लगा और ना ही इंटरलॉकिंग हुआ।

छात्र टूटे-फूटे फर्श पर पढ़ने को मजबूर हैं। प्राथमिक स्कूल के छात्र छात्राओं को कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हैरान करने वाली बात तो यह है कि 3 साल पहले पैसा निकल गया और जिले पर बैठे जिम्मेदार अधिकारी जानकारी होने के बाद भी आज तक कोई कार्यवाही नहीं की। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि DPRO और ग्राम विकास अधिकारीयों के संरक्षण में भ्रष्टाचार का खुला खेल जनपद में चल रहा है।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक बताते हैं कि वह कई बार ब्लॉक स्तर पर पत्राचार किए लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है। इधर CDO रविंद्र कुमार ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए एक जांच कमेटी गठित कर दी है। अब यह देखना होगा कि जांच कमेटी जांच करके क्या रिपोर्ट देती है और क्या इस स्कूल का कायाकल्प हो पाएगा।









