
चुनाव से पहले कांग्रेस को आयकर विभाग की तरफ से मिले नोटिस के मामलों में अब पार्टी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सोमवार यानी 1 अप्रैल को इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई किया, जहां इनकम टैक्स ने अदालत में कहा कि वह लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से मांगे गए 3500 करोड़ रुपये की वसूली के लिए बलपूर्वक कार्रवाई नहीं करेगा। इस सुनवाई में आयकर विभाग की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता मौजूद थें। वहीं, कांग्रेस की तरफ से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए थे।
इस बीच सुनवाई में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि, “लोकसभा चुनाव को देखते हुए 3500 करोड़ रुपये की रिकवरी के मामले में कांग्रेस पार्टी के खिलाफ अभी कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस दौरान आयकर विभाग के तरफ से इस मामले की सुनवाई को जून तक टालने की मांग रखी गई। अपना पक्ष रखते हुए सोलिस्टर जनरल ने कहा कि, ‘हम नहीं चाहते, चुनाव के दौरान किसी राजनीतिक पार्टी के लिए हम मुसीबत खड़ी करें।’
सुप्रीम कोर्ट में इस याचिका पर जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ सुनवाई कर रही थी। आयकर विभाग की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसी पीठ के सामने अपनी दलीलें रखी और बयान दर्ज करवाया है। अपने बयान में उन्होंने कहा कि, “क्यूंकि चुनावी सीजन है और कांग्रेस भी एक राजनैतिक पार्टी है। ऐसे में हम कांग्रेस पार्टी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेंगे।” इस दौरान आयकर विभाग के इस कदम का कांग्रेस के वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने भी स्वागत किया।
गौरतलब है कि बीते रविवार को आयकर विभाग ने कांग्रेस को एक नया नोटिस भेजा था। जिसके तहत पार्टी से 1745 करोड़ रुपये के टैक्स भरने की मांग की गई थी। साथ ही आयकर विभाग ने कांग्रेस को कुल 3567 करोड़ रुपये की रिकवरी का नोटिस पहले ही भेज चुका है।









