कोडीन कफ सिरप पर बड़ा खुलासा,शुभम जायसवाल ने ऐसे कमाए 800 करोड़, एक बोतल पर सैकड़ों का मुनाफा

उनके खिलाफ भी सबूत जुटाए जा रहे हैं। शुभम ने अपनी 800 करोड़ रुपये की कमाई में अपने साथियों को भी हिस्सेदार बनाया था।

कोडीन युक्त कफ सिरप मामले में लगातार खुलासे हो रहे है…और इस अवैध कारोबार में शामिल मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल को लेकर तो बड़े बड़े अपडेट सामने आ रहे है…ताजा जानकारी के अनुसार, कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार में शामिल शुभम जायसवाल ने इस धंधे से 800 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है। ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की जांच में खुलासा हुआ है कि शुभम ने कफ सिरप की करीब 2.24 करोड़ बोतलें एक कंपनी से प्राप्त की, जिन्हें पश्चिम बंगाल भेजा गया और फिर बांग्लादेश भी भेजा जा रहा था। यह अवैध कारोबार एक सिंडीकेट के जरिए चलाया जा रहा था, जिसमें शुभम को प्रति बोतल 500 रुपये का भुगतान मिलता था, जबकि इन सिरप की खरीद लगभग 100-120 रुपये में की जाती थी। इस तरह, सिरप की अवैध बिक्री से ईडी ने अनुमानित 1,100 करोड़ रुपये की आमदनी का आंकलन किया है।

जांच में यह भी पता चला है कि शुभम ने कफ सिरप बनाने वाली कंपनी को लगभग 300 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। इस कंपनी से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी अब जांच चल रही है, और उनके खिलाफ भी सबूत जुटाए जा रहे हैं। शुभम ने अपनी 800 करोड़ रुपये की कमाई में अपने साथियों को भी हिस्सेदार बनाया था।

इस अवैध धंधे का खुलासा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की जांच में हुआ था। एफएसडीए ने झारखंड के अधिकारियों के सहयोग से इस मामले का पर्दाफाश किया था, जिसके बाद शुभम और उसके पिता भोला प्रसाद के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इसके बाद, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो और बीएसएफ ने भी पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश भेजी जा रही सिरप की खेप को सीमा पर पकड़ लिया, जिससे इस सिंडीकेट के अन्य सदस्य भी सामने आए।

वाराणसी के कायस्थ टोला निवासी शुभम और उसके पिता भोला प्रसाद ने रांची में मेसर्स शैली ट्रेडर्स नामक दवा फर्म खोली थी, जिससे ये अवैध कारोबार चलाया गया। अब ईडी और अन्य एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं, और फरार शुभम की तलाश की जा रही है।

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