उत्तराखंड : विधानसभा में बैक डोर भर्तियों पर पूर्व CM त्रिवेंद्र रावत का बड़ा बयान, भर्ती पर नियमावली बनाने के लिए की मांग

पूर्व स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल के मामले को लेकर त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि गोविंद सिंह कुंजवाल का बयान यह बताता है कि वह घमंड में बयान दे रहे हैं अपने पुत्र-पुत्री को नौकरी देकर और करीबियों को नौकरी देना यह बताता है कि प्रदेश के बेरोजगारों से उनका कोई लगाव नहीं है.

उत्तराखंड विधानसभा में खुली भर्ती मामले में पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का बयान सामने आया है. पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि राष्ट्रपति भवन हो, राजभवन हो या विधानसभा, जिस भी जगह में जनता का पैसा लगता है और वहां जो भी नियुक्ति होती हैं, उसमें सब का अधिकार है.

उन्होंने कहा कि सारी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और अगर ऐसा नहीं होता है तो संवैधानिक संस्थाओं पर प्रश्नचिन्ह लगते हैं. सीएम त्रिवेंद्र रावत ने साफ कहा कि मामले में एक प्रस्ताव पर उन्होंने लिखा कि इस तरह की सभी भर्तियां आयोग के जरिए होनी चाहिए और जो नियमावली है उसी के तहत ये भर्तियां होनी चाहिए.

भारत समाचार से खास बातचीत में उत्तराखंड के पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि विधानसभा की सभी भर्ती प्रक्रियाएं पारदर्शी होनी चाहिए. जिस तरह तथा कथित लोगों को नौकरी देने का मामला सामने आ रहा है, यह बेहद गंभीर है और कहीं ना कहीं इस पर ठोस कार्रवाई होनी चाहिए.

वहीं, पूर्व स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल के मामले को लेकर त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि गोविंद सिंह कुंजवाल का बयान यह बताता है कि वह घमंड में बयान दे रहे हैं अपने पुत्र-पुत्री को नौकरी देकर और करीबियों को नौकरी देना यह बताता है कि प्रदेश के बेरोजगारों से उनका कोई लगाव नहीं है.

वहीं उन्होंने पूर्व स्पीकर और वर्तमान कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को लेकर अपने बयान में कहा कि वह तब स्पीकर रहे हैं और अब वर्तमान में वित्त मंत्री हैं और इस मामले में वही बेहतर बता सकते हैं कि क्या कुछ हुआ है.

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