ब्राह्मणों को साधने में जुटी भाजपा, चार सदस्यीय समिति का किया गठन

उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, भाजपा ब्राह्मण समुदाय तक पहुंचने की योजना पर ध्यान केंद्रित कर रही है। बताया जा रहा है कि 25 दिसंबर को भाजपा के यूपी चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान के आवास पर हुई बैठक में सांसद रीता बहुगुणा जोशी, महेश शर्मा, रमापति त्रिपाठी, सुब्रत पाठक समेत एक दर्जन से अधिक वरिष्ठ ब्राह्मण नेता इस बैठक में मौजूद थे। इस बैठक में सत्यदेव पचौरी, यूपी के कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद, श्रीकांत शर्मा और ब्रजेश पाठक के साथ राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र और उत्तर प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी भी उपस्थित थे।

उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, भाजपा ब्राह्मण समुदाय तक पहुंचने की योजना पर ध्यान केंद्रित कर रही है। बताया जा रहा है कि 25 दिसंबर को भाजपा के यूपी चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान के आवास पर हुई बैठक में सांसद रीता बहुगुणा जोशी, महेश शर्मा, रमापति त्रिपाठी, सुब्रत पाठक समेत एक दर्जन से अधिक वरिष्ठ ब्राह्मण नेता इस बैठक में मौजूद थे। इस बैठक में सत्यदेव पचौरी, यूपी के कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद, श्रीकांत शर्मा और ब्रजेश पाठक के साथ राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र और उत्तर प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी भी उपस्थित थे।

इस बैठक में, पार्टी के पूर्व केंद्रीय मंत्रि शिव प्रताप शुक्ला और महेश शर्मा, यूपी नेता अभिजीत मिश्रा और पूर्व राष्ट्रीय सचिव राम भाई मोकारिया के नेतृत्व में ब्राह्मण समुदाय के कार्यक्रमों का नेतृत्व करने के लिए एक  चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया।

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उत्तर प्रदेश के ब्राह्मण समाज द्वारा अपने विभिन्न मुद्दों एवं सरोकारो से अवगत कराया गया। आज हम सबके मार्गदर्शक प्रेरणास्रोत राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा आदरणीय श्री @JPNadda जी से भेंटकर उक्त विषयों पर ज्ञापन सौंपकर सकारात्मक अश्वासन प्राप्त किया एवं स्नेहिल सानिध्य व आशीर्वाद प्राप्त किया। Brajesh Pathak (@brajeshpathak) 27 Dec 2021

बताया जा रहा है कि इस बैठक का फोकस इस धारणा से निपटने के लिए एक योजना विकसित करना था कि योगी आदित्यनाथ सरकार ‘ब्राह्मण विरोधी’ है। गैंगस्टर विकास दुबे की पुलिस ‘मुठभेड़’ के साथ-साथ हत्या से जुड़े मामलों के नतीजे आने के बाद से सुर तेज होते जा रहे थे और  इस बात को लेकर ब्राह्मण समुदाय के भीतर यह चिंता बढ़ रही थी कि वह अपना दबदबा खो रहा है और योगी सरकार द्वारा दरकिनार किया जा रहा है। वहीं हिंदू नेता कमलेश तिवारी। विपक्षी नेताओं ने यह दावा करके आग में घी का काम किया है कि ये घटनाएं योगी आदित्यनाथ सरकार के ब्राह्मण विरोधी दृष्टिकोण को उजागर करती हैं।

बैठक में, यूपी बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “कुछ महीने पहले एक मजबूत धारणा थी कि हमारी सरकार ‘ब्राह्मण विरोधी’ है, लेकिन मुझे अभी भी लगता है कि अगर हम आने वाले समय में इस धारणा को नष्ट कर देते हैं तो उच्च जाति हमें वोट देगी। बताया जा रहा है कि इसके बाद मौजूद ज्यादातर नेताओं ने उनके आकलन से सहमति जताई।

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