5 राज्यों के विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटी भाजपा, यूपी और पंजाब के लिए भी बनाई खास योजना

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी रणनीति को तैयार करना शुरू कर दिया है, जिसमें विशेष रूप से उत्तर प्रदेश (UP) और अन्य प्रमुख राज्यों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है...

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी रणनीति को तैयार करना शुरू कर दिया है, जिसमें विशेष रूप से उत्तर प्रदेश (UP) और अन्य प्रमुख राज्यों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। पार्टी हालांकि इस समय 2023 के अप्रैल में होने वाले पांच विधानसभाओं के चुनावों में पूरी ताकत झोंक रही है, लेकिन उसकी दीर्घकालिक रणनीति 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए भी तैयार की जा रही है।

2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी BJP
सूत्रों के अनुसार, BJP ने अपने संगठनात्मक ढांचे को 2027 के विधानसभा चुनावों के अनुरूप तैयार करने के लिए व्यापक फीडबैक लेना शुरू कर दिया है। इस फीडबैक में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर, गोवा और गुजरात जैसे राज्यों की चुनावी स्थिति पर भी ध्यान दिया जा रहा है। भाजपा का मानना है कि चुनावी तैयारी दीर्घकालिक होती है और उसे शुरू से ही मजबूत आधार तैयार करना चाहिए। यही कारण है कि पार्टी ने पहले ही 2027 के यूपी चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है।

नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में चुनावी रणनीति
BJP के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव इस माह होने जा रहा है और कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन को नया अध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा। उनके नेतृत्व में पार्टी की चुनावी रणनीति और संगठनात्मक तैयारी में तेजी आएगी, खासकर उन राज्यों में जहां भाजपा को आगामी विधानसभा चुनावों में सत्ता बनाए रखने के लिए मेहनत करनी होगी। नए अध्यक्ष के तहत उत्तर प्रदेश के लिए नई टीम गठित की जाएगी और संभावित मंत्रिमंडल विस्तार पर भी विचार किया जाएगा।

पंजाब के लिए अलग रणनीति
पार्टी की रणनीति में पंजाब के लिए एक अलग तरीका अपनाया जा रहा है, क्योंकि पंजाब में भाजपा की सरकार नहीं है। इस राज्य में भाजपा को सत्ता में आने के लिए विशेष रणनीति की जरूरत होगी, जबकि उत्तर प्रदेश, गोवा, मणिपुर, और गुजरात जैसे राज्यों में भाजपा को अपनी सत्ता बरकरार रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी होगी।

चुनावी राज्यों पर अधिक ध्यान
नितिन नवीन अपने दौरे के दौरान इन राज्यों को प्राथमिकता देंगे और वहां के चुनावी मुद्दों को हल करने पर विशेष ध्यान केंद्रित करेंगे। साथ ही, संगठन के नए ढांचे और चुनावी दृष्टिकोण को तैयार करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया जाएगा ताकि आगामी चुनावों में भाजपा को सशक्त रणनीति मिल सके।

Related Articles

Back to top button