
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने बुधवार को संसद में कहा कि संसद की कार्यवाही एक ऐसी किताब के कारण रुक गई थी जो कहीं प्रकाशित नहीं हुई थी। उन्होंने स्पीकर से आग्रह किया कि उन किताबों पर चर्चा की जाए जो प्रकाशित हो चुकी हैं और जनता को “2014 से पहले की कहानी” जानने का मौका मिले।
दुबे ने कहा, “ये वे किताबें हैं जो प्रकाशित तो हुई हैं लेकिन भारत में प्रतिबंधित कर दी गई हैं। संसद की कार्यवाही एक ऐसी किताब के कारण रुक गई जो कहीं प्रकाशित नहीं हुई। मैं स्पीकर से आग्रह करता हूं कि संसद में उन किताबों पर चर्चा हो जो प्रकाशित हो चुकी हैं और जिनके बारे में अधिकतर लोगों को जानकारी नहीं है।” उन्होंने यह भी कहा कि इस चर्चा के बाद गांधी-नेहरू परिवार का सच सामने आएगा।
इसी बीच, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने बुधवार को बीजेपी सरकार पर संसद की कार्यवाही में विघ्न डालने का आरोप लगाया। प्रियंका गांधी ने कहा, “निशिकांत जी तब सामने आते हैं जब सरकार संसद में अराजकता फैलाना चाहती है। सरकार एक सदस्य को प्रकाशित किताब का हवाला देने की इजाजत नहीं देती, लेकिन वह छह किताबों को लेकर सदन में आते हैं और उनका हवाला देते हैं। यह सरकार दिखाना चाहती है कि संसद में केवल उनका ही तरीका चलेगा। यह स्पीकर और संसद का अपमान है।”
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को यह भी कहा कि सरकार पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवाने की किताब भारत में प्रकाशित होने की अनुमति नहीं दे रही है। उन्होंने कहा, “यह किताब विदेश में प्रकाशित हो चुकी है, लेकिन सरकार उसे यहां प्रकाशित नहीं होने दे रही है।”
राहुल गांधी ने जनरल नरवाने के उस किताब का भी जिक्र किया जिसमें भारत-चीन सीमा तनाव पर चर्चा की गई है और इसे विदेश में प्रकाशित बताया।









