
बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान के 17 सैनिकों को बंदी बना लिया है। जिसमें से बलोच ने 10 सैनिकों को छोड़ दिया हैं। BLA ने इन सैनिकों को पकड़ने के बाद उनकी सुरक्षा के लिए समय सीमा भी निर्धारित की है। संगठन ने कहा कि वह इन सैनिकों को तभी मुक्त करेगा, जब पाकिस्तान बलूचिस्तान के कब्जे से अपने सैनिकों को वापस लेगा और बलूचिस्तान में स्थित अपने सैन्य अड्डों को खाली करेगा।
BLA ने पाकिस्तान सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी निर्धारित समय सीमा के भीतर यह कार्रवाई नहीं की जाती है, तो बंदी पाकिस्तानी सैनिकों की स्थिति गंभीर हो सकती है। संगठन ने इस कार्रवाई को बलूचिस्तान में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों और पाकिस्तान की सैन्य गतिविधियों के विरोध में उठाया कदम बताया है।
हालांकि, पाकिस्तान सरकार ने इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। बलूच लिबरेशन आर्मी का यह कदम पाकिस्तान और BLA के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है, क्योंकि बलूचिस्तान में पाकिस्तान सरकार और अलगाववादी संगठनों के बीच संघर्ष लंबे समय से जारी है।
BLA का यह दावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है, और विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरनाक हो सकती हैं। इसके अलावा, यह कदम पाकिस्तान और बलूचिस्तान के बीच राजनीतिक अस्थिरता को और बढ़ा सकता है।









