
हेल्थ डेस्क : हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) के मरीजों के लिए एक बेहद जरूरी और चेतावनी भरी मेडिकल रिसर्च सामने आई है। ईएससी (ESC) कांग्रेस 2026 में पेश किए गए नए नतीजों के मुताबिक, ब्लड प्रेशर की दवा नियमित रूप से न लेने या बीच में छोड़ने से हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं से बचाव की क्षमता काफी हद तक कम हो सकती है। दुनिया भर में लगभग 1.4 बिलियन लोग हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि करीब आधे मरीज डॉक्टर द्वारा बताए गए तरीके से अपनी दवा का सेवन नहीं करते हैं।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की रिसर्चर और इस स्टडी की प्रजेंटर मिस कियानकियान यांग के नेतृत्व में किए गए इस विश्लेषण में 9 क्लिनिकल ट्रायल्स के 91,339 से ज्यादा प्रतिभागियों के डेटा की जांच की गई। रिसर्च में सामने आया कि जिन मरीजों ने अपनी निर्धारित दवा का कम से कम 80% हिस्सा नियमित रूप से लिया, उनमें दिल से जुड़ी बड़ी घटनाओं में 11% की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। इसके विपरीत, जिन लोगों ने दवा लेना छोड़ दिया या कम लिया, उन्हें इसका बहुत कम या लगभग कोई खास फायदा नहीं मिला।
विशेषज्ञों का कहना है कि “दवाएं उन मरीजों पर काम नहीं करतीं जो उन्हें नहीं लेते।” समय के साथ मरीजों में दवा लेने की नियमितता कम होती जाती है, जो कि चिंता का विषय है। इस समस्या से निपटने के लिए रिसर्चर्स ने सलाह दी है कि डॉक्टरों को इलाज के दौरान मरीजों की दवा लेने की आदत (मेडिकेशन एडहेरेंस) की नियमित जांच करनी चाहिए। साथ ही, दवा के शेड्यूल को सरल बनाना, एक ही गोली में कई दवाएं देना और लंबी अवधि तक असर करने वाली दवाएं लिखना जैसी व्यावहारिक रणनीतियों को अपनाना चाहिए ताकि मरीज आसानी से अपने इलाज को जारी रख सकें।









