
ईरान में चल रहे हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच महिलाओं ने एक ऐसा विरोध तरीका अपनाया है, जो पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया है। पिछले कुछ हफ्तों में कई वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें ईरानी महिलाएं अयातुल्ला अली खामेनेई की जलती हुई तस्वीरों से सिगरेट जलाती हुई दिख रही हैं। ये दृश्य अब सरकार विरोधी आंदोलन की प्रमुख तस्वीरों में शुमार हो गए हैं और विरोध का नया प्रतीक बन गए हैं।
यह विरोध तरीका खासकर उस देश में एक मजबूत संदेश दे रहा है, जहां पर सख्त सामाजिक नियम हैं और महिलाओं के अधिकारों पर कड़ी पाबंदियां लगाई जाती हैं। ईरान के धार्मिक शासन के खिलाफ प्रदर्शन और तेज हो गए हैं, खासकर 86 साल के खामेनेई के शासन के खिलाफ। इन विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत महंगाई और खराब अर्थव्यवस्था के खिलाफ हुई थी, लेकिन धीरे-धीरे यह विरोध शासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़े आंदोलन में बदल गया है।
विरोध का एक नया तरीका
इस समय जब ईरान में सड़कों पर हज़ारों लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, महिलाएं विरोध का नया तरीका अपना रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में महिलाएं खामेनेई की जलती हुई तस्वीरों से सिगरेट जलाती दिख रही हैं। यह विरोध एक शक्तिशाली प्रतीक बन गया है, जो सत्ता के खिलाफ खुला चैलेंज माना जा रहा है। इस विरोध में महिलाएं खासकर अपनी स्वतंत्रता और अधिकारों की मांग कर रही हैं।
ईरान जैसे इस्लामिक देश में जहां महिलाएं सार्वजनिक रूप से धूम्रपान करने से भी मना की जाती हैं और सुप्रीम लीडर की तस्वीर जलाना एक गंभीर अपराध माना जाता है, यह विरोध एक बड़ा साहसिक कदम है। यह चुनौती सिर्फ एक व्यक्ति या शासन के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे धार्मिक शासन व्यवस्था के खिलाफ है।
महसा अमीनी का मामला
ईरान में प्रदर्शन का सिलसिला 2022 में महसा अमीनी की मौत के बाद शुरू हुआ था। महसा को ईरान की नैतिकता पुलिस ने कथित तौर पर “गलत पहनावे” के आरोप में गिरफ्तार किया था और हिरासत में उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद से ईरान में महिलाओं के अधिकारों के लिए कई आंदोलन खड़े हो गए थे। महिला अधिकारों की स्थिति और धार्मिक सख्ती के खिलाफ इन प्रदर्शनों का विस्तार हुआ और अब यह एक बड़े राजनीतिक संघर्ष में बदल चुका है।
सरकार के खिलाफ बढ़ता गुस्सा
ईरान की जनता अब सिर्फ महंगाई और खराब अर्थव्यवस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि सत्ता के भ्रष्टाचार और धार्मिक शासन के खिलाफ भी खुलकर विरोध कर रही है। राजधानी तेहरान और अन्य शहरों में “खामेनेई की मौत हो” और “पहलवी वापस आएंगे” जैसे नारे गूंज रहे हैं। इन नारों के बीच प्रदर्शनकारियों ने एक नया तरीका अपनाया है – अयातुल्ला खामेनेई की जलती हुई तस्वीरों से सिगरेट जलाना।
ईरान के आखिरी शाह के बेटे रजा पहलवी की वापसी की मांग भी उठ रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 1979 की क्रांति के बाद सत्ता से हटाए गए पहलवी परिवार को फिर से देश की राजनीति में शामिल किया जाए। यह आंदोलन ईरान में एक नई राजनीतिक दिशा की ओर इशारा करता है।
सरकार की प्रतिक्रिया
सरकारी दमन और सख्ती के बावजूद लोग सड़कों पर उतरने से नहीं डर रहे हैं। पिछले साल एक व्यक्ति ओमिद सरलाक ने सोशल मीडिया पर खामेनेई की तस्वीर जलाने का वीडियो पोस्ट किया था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उसका शव उसकी कार में पाया गया। इसके बाद सरकारी अधिकारियों ने चेतावनी दी कि इस तरह के कार्यों को करने वालों को मौत की सजा दी जा सकती है। लेकिन, इस चेतावनी का भी विरोध प्रदर्शनों पर कोई असर नहीं पड़ा। प्रदर्शन लगातार जारी रहे हैं, और मरने वालों की संख्या अब तक लगभग 200 तक पहुंच चुकी है।
आने वाले दिन
ईरान में स्थितियां अब भी तनावपूर्ण बनी हुई हैं। सरकार के दमन के बावजूद लोग अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखे हुए हैं। महिलाओं द्वारा खामेनेई की तस्वीरों से सिगरेट जलाने की घटना ने इस विरोध को और भी बड़ा रूप दिया है। यह एक ऐसा विरोध तरीका बन चुका है, जो न केवल एक देश के धार्मिक शासन के खिलाफ खड़ा है, बल्कि महिला अधिकारों और स्वतंत्रता के लिए भी एक मजबूत संदेश दे रहा है।
ईरान में इस समय जो हो रहा है, वह सिर्फ एक राजनीतिक आंदोलन नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज और संस्कृति के खिलाफ एक बड़ा जनांदोलन बन चुका है। अगले कुछ दिनों में क्या होगा, यह देखना बाकी है, लेकिन इस विरोध ने दुनिया भर में एक नया जागरूकता उत्पन्न कर दी है।









