“खत्म किया कैंसर, ईरान कभी भी कर सकता है सरेंडर”,G7 बैठक में डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान अब हार मानने के करीब पहुंच चुका है और वह किसी भी समय सरेंडर कर सकता है।

Washington: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान अब हार मानने के करीब पहुंच चुका है और वह किसी भी समय सरेंडर कर सकता है। यह बयान उन्होंने G7 देशों के नेताओं के साथ हुई एक वर्चुअल बैठक के दौरान दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बैठक में ट्रंप ने काफी आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हालिया सैन्य कार्रवाई के जरिए एक ऐसे “कैंसर” को खत्म कर दिया गया है जो पूरी दुनिया के लिए खतरा बन चुका था। ट्रंप का इशारा ईरान की शीर्ष नेतृत्व व्यवस्था की ओर था, जिसे हाल के हमलों में निशाना बनाया गया है।

ऑपरेशन ‘एपिक फ्युरी’ पर ट्रंप का दावा

बैठक के दौरान ट्रंप ने ‘Operation Epic Fury’ की सफलता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन के जरिए एक बड़ा खतरा टाल दिया गया है। ट्रंप के मुताबिक ईरान की मौजूदा स्थिति ऐसी हो गई है कि वहां नेतृत्व को लेकर भारी असमंजस पैदा हो गया है।

उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि अब वहां यह तय करने वाला भी कोई नहीं बचा है कि असली नेता कौन है और सरेंडर की घोषणा कौन करेगा। ट्रंप ने ईरानी नेताओं को लेकर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे लोगों को खत्म करना उनके लिए सम्मान की बात है।

कैसे शुरू हुआ यह पूरा संघर्ष

मिडिल ईस्ट में मौजूदा तनाव की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी। उस दिन अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान के कई ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमला किया था। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की मौत होने की खबर सामने आई थी।

खामेनेई की मौत के बाद ईरान की राजनीतिक व्यवस्था में भारी उथल-पुथल मच गई। इसके बाद अमेरिका और इजराइल ने ईरान के कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। जवाब में ईरान ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी और मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों समेत कई रिहायशी इलाकों पर हमले किए।

इसके अलावा ईरान ने इजराइल के कई शहरों पर भी मिसाइल हमले किए हैं। दोनों पक्षों के बीच लगातार हमले जारी हैं और पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।

मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसे हालात

पिछले करीब दो सप्ताह से मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं। दोनों तरफ से ड्रोन और मिसाइलों के जरिए लगातार हमले किए जा रहे हैं। ट्रंप ने साफ कहा है कि अमेरिका यह अभियान तब तक जारी रखेगा जब तक ईरान पूरी तरह सरेंडर नहीं कर देता।

इस संघर्ष का असर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ने लगा है। खास तौर पर Strait of Hormuz में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति रास्तों में से एक माना जाता है।

मौजूदा हालात में इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही काफी प्रभावित हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कई शिपिंग कंपनियां अब इस रास्ते से अपने जहाज भेजने से बच रही हैं क्योंकि यहां लगातार हमलों का खतरा बना हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संकट लंबा खिंचता है तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। खासकर भारत जैसे देशों के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है क्योंकि उनकी तेल आपूर्ति और व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग पर निर्भर करता है।

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