सुप्रीम कोर्ट ने कहा 2 छात्रों के लिए नीट यूजी की परीक्षा दोबारा नहीं करवा सकते

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 2 छात्रों के लिए नीट यूजी की परीक्षा दोबारा नहीं करवा सकते। सुप्रीम कोर्ट ने दो छात्रों की टेस्ट बुकलेट और आंसर बुकलेट मैच ना होने पर दोबारा परीक्षा के बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया। NEET के दो छात्रों की परीक्षा की अनुमति देने के हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली केंद्र सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस एल नागेश्वर राव की पीठ ने दो छात्रों की NEET की परीक्षा दुबारा कराने के हाई कोर्ट के आदेश को रद्द करने का फैसला सुनाते हुए कहा कि हमे अफसोस है लेकिन हम कुछ नहीं कर सकते हैं। 2 छात्रों के लिए नीट यूजी की परीक्षा दोबारा नहीं करवा सकते।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 2 छात्रों के लिए नीट यूजी की परीक्षा दोबारा नहीं करवा सकते। सुप्रीम कोर्ट ने दो छात्रों की टेस्ट बुकलेट और आंसर बुकलेट मैच ना होने पर दोबारा परीक्षा के बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया। NEET के दो छात्रों की परीक्षा की अनुमति देने के हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली केंद्र सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस एल नागेश्वर राव की पीठ ने दो छात्रों की NEET की परीक्षा दुबारा कराने के हाई कोर्ट के आदेश को रद्द करने का फैसला सुनाते हुए कहा कि हमे अफसोस है लेकिन हम कुछ नहीं कर सकते हैं। 2 छात्रों के लिए नीट यूजी की परीक्षा दोबारा नहीं करवा सकते।

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि हमे दोनों छात्रों के साथ सांत्वना है लेकिन हम दो छात्रों की दुबारा परीक्षा का आदेश नहीं दे सकते है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम दोनों छात्रों के मनोदशा की समझ सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि ने की परीक्षा में 16 लाख छात्र शामिल हुए, कहीं न कहीं गलती हो सकती है इसका यह मलतब नहीं हुआ कि दुबारा परीक्षा कराई जाए, अगर दो छात्रों की दोबारा परीक्षा कराने की अनुमति मिली तो हर साल छात्र की तरह परीक्षा की मांग करेंगे।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील सुधांशु चौधरी ने कहा कि निरीक्षकों ने हलफनामे पर स्वीकार किया है कि उन्होंने गलत उत्तर पुस्तिकाएं बांटी की हैं, ऐसी गलत उत्तर पुस्तिकाएं 6 छात्रों को बांटी गईं। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हम सही प्रश्न पुस्तिकाओं के साथ उत्तरों का मिलान करेंगे। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि प्रत्येक पत्र और सवालों का अलग होता है, इस तरह प्रत्येक पत्र उत्तर पत्र में होता है, हम यह कर सकते हैं कि उत्तर पुस्तिका में परीक्षण पुस्तिका के अनुसार दिए गए प्रश्न के अनुक्रम के अनुसार लागू की जाएगी। इससे पहले 28 अक्टूबर को NEET-UG के रिजल्ट घोषित करने को सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी दे दी थी।

NEET-UG परीक्षा के रिजल्ट को लेकर केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी। केंद्र ने कहा था कि बॉम्बे हाईकोर्ट के दो छात्रों की फिर से परीक्षा कराने के आदेश पर रोक लगे। हाईकोर्ट का ये आदेश गलत मिसाल कायम करेगा। हाईकोर्ट के आदेश के चलते पूरी परीक्षा का रिजल्ट रुक गया है, ऐसे में परिणामों की घोषणा में देरी से एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस, बीएसएमएस, बीयूएमएस और बीएचएमएस जैसे स्नातक मेडिकल पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रक्रिया में देरी होगी। बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला भविष्य में इस तरह की घटनाओं से उम्मीदवारों द्वारा अनुचित लाभ उठाने के लिए गलत मिसाल कायम करेगा।

स्टोरी- अवैश उस्मानी

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