केंद्र सरकार का पेंशनभोगियों के लिए अहम कदम, नई हिदायतें जारी, पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश

अब पेंशन से जुड़े दस्तावेजों की प्रक्रिया को लेकर नई हिदायतें जारी की गई हैं, खासतौर पर पेंशनर या फैमिली पेंशनर के निधन के बाद पेंशन भुगतान आदेश (PPO) की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। इसके साथ ही सरकार ने रिटायरमेंट के बाद पेंशन में मनमानी कटौती या रिकवरी से पेंशनरों को सुरक्षा देने वाले पहले से जारी नियमों को भी पुनः दोहराया है।

Delhi: केंद्र सरकार ने पेंशनभोगियों और उनके परिवारों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब पेंशन से जुड़े दस्तावेजों की प्रक्रिया को लेकर नई हिदायतें जारी की गई हैं, खासतौर पर पेंशनर या फैमिली पेंशनर के निधन के बाद पेंशन भुगतान आदेश (PPO) की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। इसके साथ ही सरकार ने रिटायरमेंट के बाद पेंशन में मनमानी कटौती या रिकवरी से पेंशनरों को सुरक्षा देने वाले पहले से जारी नियमों को भी पुनः दोहराया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य पेंशन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना, भ्रम को कम करना और बुजुर्ग पेंशनरों व उनके परिवारों को अनावश्यक परेशानी से बचाना है।

बता दें, वित्त मंत्रालय के तहत केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय (CPAO) ने पेंशनरों और फैमिली पेंशनरों की मृत्यु के बाद की प्रक्रिया में बदलाव किए हैं। नए नियमों के अनुसार, अब बैंक के केंद्रीकृत पेंशन प्रसंस्करण केंद्र (CPPC) को पेंशन से संबंधित दस्तावेज़ों का निपटान एक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार करना होगा। इसमें, PPO का डिस्बर्सर हिस्सा, डेथ सर्टिफिकेट और CPAO द्वारा जारी किए गए अन्य दस्तावेज़ सिर्फ CPAO के माध्यम से वापस भेजे जाएंगे।

इन दस्तावेजों को सीधे वेतन एवं लेखा कार्यालय (PAO) या संबंधित विभाग को भेजना अब गलत माना जाएगा। CPAO ने बताया कि कुछ बैंकों द्वारा इस प्रक्रिया का उल्लंघन किया जा रहा था, जिससे यह स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा। नियमों का उल्लंघन करने पर बैंकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा सकती है।

बता दें, यह बदलाव भले ही तकनीकी दृष्टिकोण से दिखे, लेकिन इसका सीधा लाभ दिवंगत पेंशनरों के परिवारों को मिलेगा। सही चैनल से PPO लौटने से दस्तावेजों के गुम होने, देरी और बेवजह की भागदौड़ से बचा जा सकेगा। पेंशन से जुड़े दस्तावेजों में अक्सर गड़बड़ियों की वजह से परिवार पहले से ही भावनात्मक तनाव में होते हैं, ऐसे में अगर पेंशन से जुड़े कागजात अटक जाएं तो परेशानी और बढ़ जाती है। सरकार का मानना है कि CPAO के जरिए एक ही चैनल से काम होने से ट्रैकिंग आसान होगी और भविष्य में विवादों में भी कमी आएगी।

इसके साथ ही, सरकार ने पेंशन कटौती और रिकवरी को लेकर भी पेंशनरों को बड़ी राहत दी है। पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने स्पष्ट किया है कि एक बार पेंशन या फैमिली पेंशन फाइनल होने के बाद उसे घटाया नहीं जा सकता, जब तक कोई साफ-साफ clerical error न हो। अगर दो साल बाद गलती सामने आती है, तो DoPPW की मंजूरी के बिना पेंशन कम नहीं की जा सकती। इसके अलावा, अगर सरकारी गलती से ज्यादा पेंशन मिल गई हो और पेंशनर की कोई गलती न हो, तो रिकवरी माफ करने पर भी विचार किया जाएगा। यदि रिकवरी करना जरूरी है, तो दो महीने का नोटिस देना आवश्यक होगा और कटौती किश्तों में ही की जाएगी, एक साथ नहीं।

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