
उत्तर प्रदेश की नगीना सीट से सांसद और आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने यूजीसी के नए नियमों पर बड़ा बयान दिया है. इसी के साथ उन्होंने मुद्दों पर अपनी बात रखी…चंद्रशेखर आजाद ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट में पिछड़े और दलित वर्ग के मामलों के निपटारे में देरी हो रही है….
उन्होंने इसे सरकार के कमजोर पक्ष का परिणाम बताया और आरोप लगाया कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से नहीं रखा. चंद्रशेखर ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने जिन मुद्दों पर जल्दी निर्णय लिया, वह कमजोर वर्गों के खिलाफ थे, जबकि कई अन्य मामलों में फैसले लंबित रहते हैं या नेगेटिव आते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने पहले भेदभाव रोकने के लिए नियम बनाए थे, लेकिन अपनी पार्टी के भीतर से विरोध होने पर सरकार ने कोर्ट में पैरवी ढीली कर दी.
चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि जब तक जातिवाद खत्म नहीं होगा, तब तक हमारे बच्चों की जानें जाती रहेंगी, जैसे कि रोहित वेमुला और पायल तड़वी के मामले में हुआ। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह जातिविहीन समाज बनाने के लिए कदम उठाए, और जातिवाद को खत्म करे.
इसी के साथ चंद्रशेखर ने 69000 हजार शिक्षक भर्ती में 20,000 पदों पर घोटाला का जिक्र किया.इसके अलावा मध्य प्रदेश का 27% पिछड़े वर्ग को आरक्षण मामले में भी प्रतिक्रिया दी.









