
Lucknow: उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत राज्य में हुई प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना पर एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की। इस बैठक में मिशन के क्रियान्वयन, प्रशिक्षण ढांचे, डिजिटल प्लेटफॉर्म और विभागों में क्षमता संवर्धन पर विस्तृत चर्चा की गई।
बता दें, बैठक के दौरान राज्य की कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस. राधा चौहान ने मुख्यमंत्री को मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि मिशन कर्मयोगी के माध्यम से सरकारी कर्मचारियों की क्षमता और दक्षता को बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं बनाई गई हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता और कार्यक्षमता को बेहतर बनाना है।
वहीं, मिशन कर्मयोगी में विशेष रूप से डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया है, जो कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण और समुचित संसाधन उपलब्ध कराता है। इसके साथ ही राज्य सरकार विभिन्न विभागों में क्षमता संवर्धन को लेकर कई पहलें कर रही है, ताकि सरकारी सेवाओं में सुधार हो सके और नागरिकों को बेहतर सुविधा मिल सके।
बता दें, मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान यह भी निर्देशित किया कि सभी विभाग इस मिशन को और भी प्रभावी तरीके से लागू करें और इसका लाभ सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ आम जनता को भी मिले।









