
Delhi: नीति आयोग द्वारा जारी निर्यात तैयारी सूचकांक-2024 में उत्तराखंड ने छोटे राज्यों, उत्तर-पूर्व और केंद्र शासित प्रदेशों की श्रेणी में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। इस श्रेणी में उत्तराखंड के बाद जम्मू और कश्मीर, नागालैंड, दादरा और नगर हवेली व दमन और दीव, और गोवा ने क्रमशः स्थान बनाए।
बता दें, नीति आयोग के अनुसार, राज्यों की भूमिका निर्यात को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण है, और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के वर्तमान दौर में निर्यात राज्यों के लिए नए अवसर उत्पन्न कर रहा है। आयोग का मानना है कि यह सूचकांक राज्यों को अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और वैश्विक बाजारों से बेहतर जुड़ने का स्पष्ट मार्गदर्शन प्रदान करता है।
बता दें, नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.वी. आर. सुब्रमण्यम ने कहा, “निर्यात आर्थिक वृद्धि का एक प्रमुख आधार है और भारत की दीर्घकालिक आर्थिक महत्वाकांक्षाओं में इसकी केंद्रीय भूमिका है।” उन्होंने आगे कहा कि यह सूचकांक राज्यों को वैश्विक व्यापार में अपना स्थान मजबूत करने और अपने आर्थिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगा।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सूचकांक में राज्य के शीर्ष स्थान को गर्व का विषय बताते हुए कहा, “हमारा लक्ष्य है कि प्रत्येक जिले के विशिष्ट उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई जाए।” उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से राज्य के आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी और राज्य को निवेश और औद्योगिक विकास के नए अवसर प्राप्त होंगे।
नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, निर्यात केवल विदेशी मुद्रा अर्जित करने का एक साधन नहीं है, बल्कि यह वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में भागीदारी बढ़ाने और व्यापार घाटे को कम करने में भी सहायक है। इस सूचकांक में उत्तराखंड का शीर्ष स्थान राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो उसे औद्योगिक और निवेश की दिशा में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।









