
हरियाणा के कैथल में स्थित बाबा मुकुटनाथ मठ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने सनातन परंपरा, गुरु-शिष्य परंपरा और समाज के मूल्यों को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कही।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि धर्मनाथ पंथ की सभी गद्दियों की शुरुआत इसी स्थान से हुई है, इसलिए यह स्थल आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि यहां भव्य भंडारे का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में प्रशिक्षण शामिल हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति में अपने से बड़ों का सम्मान करना हमारी पहचान है। यही हमारी सबसे बड़ी ताकत भी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सनातन धर्म की ध्वजा हमेशा लहरती रहेगी और इसकी परंपरा सदियों से समाज को जोड़ने का काम करती रही है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि सिकंदर जैसे शक्तिशाली शासक को भी भारतीय संस्कृति के सामने नटतमस्तक होना पड़ा था। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना सिखाता है।
उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता बताते हुए कहा कि सनातन संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च होता है और यही परंपरा भारतीय समाज की आत्मा है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे हमेशा धर्म और सत्य के मार्ग पर चलें।
नशे के खिलाफ सख्त संदेश देते हुए सीएम योगी ने कहा कि नशा समाज के विनाश का कारण बनता है और इससे युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ जाता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे एक-दूसरे को जागरूक करें और नशे से दूर रहने का संकल्प लें। उन्होंने यह भी कहा कि नशे के सौदेबाज देश के दुश्मन हैं और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है।
राजनीतिक टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष चुनावी हार से निराश और निराश है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सनातन विरोधी ताकतों से सावधान रहें और समाज को एकजुट बनाए रखें।
सीएम योगी ने अपने अभिभावकों में भगवान राम का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान राम भारत की पहचान और आदर्श हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण भारत की सांस्कृतिक आस्था का प्रतीक है।









