
भारत सरकार के सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की है. राज्यों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण लक्ष्यों को यह रिपोर्ट दर्शाती है. इस रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश सबसे दमदार प्रदर्शन करने वाला प्रदेश बना है. केंद्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, “अप्रैल से दिसंबर 2022 के बीच उत्तर प्रदेश, उड़ीसा और लद्दाख ने PMGSY के तहत तय लक्ष्यों को लगभग हांसिल किया है.”
उत्तर प्रदेश के लिए PMGSY के तहत एक साल के अंदर 5 हजार किमी सड़क बनाने का लक्ष्य था. जबकि अप्रैल से दिसंबर 2022 के बीच का ये लक्ष्य 3750 किमी का था. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के प्रयासों से अप्रैल से दिसंबर 2022 के बीच 3481 किमी सड़कें बनावाई गईं. इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने इस योजना के क्रियान्वयन में अपना 93 फिसदी प्रदर्शन दिया. जो कि अन्य राज्यों की तुलना में सर्वाधिक है.
यूपी में चौतरफा विकास का ही ये परिणाम है कि आज प्रदेश के अधिकांश गांव प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के जरिए मुख्य राजमार्गों से जुड़ चुके हैं. वहीं सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की रिपोर्ट में यूपी के बाद उड़ीसा सरकार का नंबर आता है. PMGSY के तहत उड़ीसा के लिए एक साल के अंदर 2 हजार किमी सड़क बनाने का लक्ष्य था. जबकि अप्रैल से दिसंबर 2022 के बीच का ये लक्ष्य 1500 किमी का था.
उड़ीसा सरकार ने अप्रैल से दिसंबर 2022 के बीच PMGSY के तहत 1343 किमी सड़क का निर्माण कराया और 93 फिसदी प्रदर्शन के साथ दूसरे नंबर पर रही. जबकि लद्दाख तीसरे नंबर पर रहा. लद्दाख के लिए वार्षिक लक्ष्य 197 किमी, जबकि अप्रैल से दिसंबर 2022 के बीच 147 किमी सड़क निर्माण का लक्ष्य था. 84 फिसदी प्रदर्शन के साथ लद्दाख में PMGSY के तहत अप्रैल से दिसंबर 2022 के बीच 123 किमी सड़कें बनी.
ये राज्य साबित हुए फिसड्डी
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण कराने में देश के छ: राज्य फिसड्डी साबित हुए हैं. इनके अलावा एक केंद्र शासित प्रदेश का भी प्रदर्शन निहायती खराब रहा. पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, केरल, झारखंड, नागालैंड और छत्तीसगढ़ अपने तय लक्ष्यों का क्रमश: 12, 15, 17, 18, 19 और 20 फिसदी निर्माण ही पूरा कर पाए हैं. संघ शासित प्रदेश अंडमान निकोबार में तो PMGSY क्रियान्वयन की हालत और खराब हैं. अंडमान निकोबार में एक साल के भीतर PMGSY के तहत 100 किमी सड़क निर्माण करना था. जबकि अप्रैल से दिसंबर 2022 के बीच 75 किमी सड़क निर्माण का लक्ष्य था. लेकिन यहां इस अवधि में मात्र 6 किमी ही सड़क का निर्माण हुआ.