
शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कार्यक्रम में मुख्यम्नत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए. इस अवसर पर उन्होंने अपना संबोधन भी दिया. सीएम योगी ने प्रदेश के लोगों को जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई दी. उन्होंने कहा कि वो मथुरा-वृंदावन होकर आ रहे हैं और जन्माष्टमी के उपलक्ष्य पर लाखों लोग इस महोत्सव में शामिल हुए हैं.
सीएम योगी ने जन्माष्टमी के महोत्सव को आजादी के अमृत महोत्सव से जोड़ते हुए कहा कि लाखों लोगों ने आयोजन में सम्मिलित होकर आजादी के अमृत महोत्सव को और अधिक यादगार बना दिया है. सीएम योगी ने इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी के स्वतन्त्रता दिवस अभिभाषण के एक हिस्से का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पांच प्रणों से जुड़ने का आह्वान किया था.
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही अगर हर व्यक्ति अपने कर्तव्यों का पालन करने में लग जाए तो ये अमृत काल भारत वर्ष के लिए यादगार बन जाएगा. पुलिस लाईन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने कहा, ”ये पहला आयोजन होगा जिसे पुलिसकर्मी मना रहे हैं जबकि पुलिस के आयोजन में जाने से लोग कतराते है, लेकिन जिनका आज जन्मोत्सव है उसे हम धरोहर की तरह मना रहे हैं.
सीएम योगी ने अपने संबोधन में आगे कहा, “गीता का उद्घोष एक मंत्र बना है,जिसने भी इस मंत्र का अंगीकार किया है वह बहुत कुछ बना.” उन्होंने आगे कहा, “हमे भारत को दुनिया में एक विकसित राष्ट्र बनाना है, यदि हर व्यक्ति अपने दायित्व का निर्वहन करने लग जाये तो यह आजादी के शताब्दी के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है.”
पुलिस लाईन में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, केशव प्रसाद मौर्या, डीजीपी डीएस चौहान, एसीएस होम अवनीश अवस्थी, मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा आदि मौजूद रहे. इस अवसर पर डीजीपी डीएस चौहान ने सीएम योगी को स्मृति चिन्ह भेंट कर व अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया.









