
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के सबसे चर्चित कोडीन युक्त कफ़ सिरप तस्करी मामले में वाराणसी पुलिस और एसआईटी टीम को बड़ी कामयाबी मिली है। शुभम जायसवाल के परिजनों की संपत्तियों को फ्रिज करने के बाद वाराणसी पुलिस की टीम ने शुभम जायसवाल के राइट हैंड कहे जाने वाले आकाश पाठक और विकास सिंह नार्वे के साथ अंकित श्रीवास्तव को नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया है। शुभम जायसवाल के साथियों पर लुक आउट नोटिस जारी होने के बाद से लगातार वाराणसी को कोतवाली थाने की पुलिस टीम इनकी तलाश में जुटी हुई थी। गिरफ्तारी को लेकर वाराणसी कमिश्नरेट काशी जोन के डीसीपी गौरव बंसवाल ने बताया कि सूचना मिली थी कि 50 हजार का इनामिया विकास सिंह और आकाश पाठक नेपाल के रास्ते किसी अन्य देश में भागने की फिराक में है। सूचना पर कोतवाली थाने की पुलिस टीम ने नेपाल बॉर्डर पर अपनी निगरानी स्थानीय पुलिस के साथ बढ़ाई। मंगलवार को नेपाल जाते समय आकाश पाठक मिला जिसके साथ विकास सिंह नार्वे और उसका साथी अंकित श्रीवास्तव मौजूद था। पुलिस ने तीनों को हिरासत में ले लिया और ट्रांजिट रिमांड के बाद टीम वाराणसी के लिए सिद्धार्थनगर से रवाना हो गई।

जानिए कौन है यह तीनों आरोपी, जिनकी गिरफ्तारी थी बेहद अहम…
कोडीन युक्त कफ़ सिरप मामले में शुभम जायसवाल के बेहद करीबियों की गिरफ्तारी को लेकर डीसीपी गौरव बंसवाल ने बताया कि आकाश पाठक एक फर्जी फर्म मेड रेमेडी लाइफकेयर प्राइवेट लिमिटेट का सीओ डायरेक्टर है, इस फर्म में शुभम जायसवाल भी पार्टनर है। शुभम जायसवाल ने अपने हस्ताक्षर से कंपीटेंट सर्टिफिकेट जारी किया। आकाश पाठक को कोडीन युक्त कफ़ सिरप मामले में मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल का राइट हैंड कहा जाता है और इसके ऊपर 50 हजार का ईनाम घोषित किया गया था। जबकि विकास सिंह नर्वे ने देवनाथ फर्म के जरिए शुभम जायसवाल के शैली फार्मा से करीब 5 लाख 13 हजार कोडीन युक्त कफ़ सिरप जिसकी कीमत करीब 15 करोड़ रुपए है इसकी बिक्री किया। विकास कई बार शुभम जायसवाल के साथ दुबई में गया और शुभम जायसवाल के द्वारा तस्करी में जो भी पैसे होते उसको हैंडल करने का काम करता था। विकास सिंह नर्वे पर भी 50 हजार का इमाम घोषित किया गया है। वहीं तीसरा व्यक्ति अंकित श्रीवास्तव है जो विकास सिंह नर्वे का साथी है, इसके ऊपर आरोप है कि विकास के साथ मिलकर यह भी इस गैंग में कार्य करता था।









