कांग्रेस की बैठक में तमिलनाडु चुनावी रणनीति पर चर्चा, नेतृत्व को अधिकार सौंपा गया निर्णय लेने का

हालांकि, बैठक में गठबंधन या सत्ता-साझाकरण की विशिष्ट मांगों पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई, लेकिन पार्टी हाई कमान ने सार्वजनिक बयानों को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है

कांग्रेस पार्टी ने शनिवार रात को चली लंबी बैठक के बाद तमिलनाडु में अपनी चुनावी रणनीति को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया है. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की यह बैठक करीब साढ़े तीन घंटे तक चली, जिसकी अध्यक्षता पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने की.बैठक में तमिलनाडु और पुडुचेरी के 40 से अधिक वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया.

कांग्रेस महासचिव (संगठन) के. सी. वेणुगोपाल ने बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए इसे रचनात्मक और पार्टी को मजबूत करने पर केंद्रित बताया.उन्होंने कहा, नेतृत्व ने सामूहिक और व्यक्तिगत सत्रों का आयोजन किया, ताकि राज्य के नेता स्वतंत्र रूप से अपने विचार व्यक्त कर सकें.वेणुगोपाल ने पुष्टि की कि राज्य इकाई की चिंताओं को विस्तार से सुना गया और सर्वसम्मति से यह तय किया गया कि चुनावी रणनीति पर अंतिम निर्णय कांग्रेस अध्यक्ष और विपक्ष के नेता लेंगे.

हालांकि, बैठक में गठबंधन या सत्ता-साझाकरण की विशिष्ट मांगों पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई, लेकिन पार्टी हाई कमान ने सार्वजनिक बयानों को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है.वेणुगोपाल ने कहा, “नेताओं को अनुशासित रहकर एक सुर में बोलने की सलाह दी गई है.

इसके साथ ही, पुडुचेरी में पार्टी ने 21 जनवरी से एक बड़ी ‘पदयात्रा’ शुरू करने की घोषणा की है, जिसमें वरिष्ठ राष्ट्रीय नेतृत्व के शामिल होने की संभावना है. यह कदम तमिलनाडु में द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन के भीतर कांग्रेस की भूमिका को लेकर बढ़ती अटकलों के बीच उठाया गया है.

Related Articles

Back to top button