
Delhi: संसद के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने गुरुवार को लोकसभा में एक एडजर्नमेंट मोशन पेश किया। उन्होंने इंडिया-US ट्रेड डील और एनर्जी अंडरस्टैंडिंग से जुड़े मुद्दों को “बेहद अहम सार्वजनिक महत्व” का बताते हुए इन पर तत्काल चर्चा की मांग की। तिवारी ने सरकार से इस पूरे मामले पर पारदर्शिता के साथ संसद में बयान देने की अपील की।
बता दें, अपनी नोटिस में मनीष तिवारी ने कहा कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील के तहत भारतीय उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने की बात सामने आ रही है। वहीं वॉशिंगटन का दावा है कि इस समझौते से अमेरिका को भारत में अपने कृषि उत्पादों का निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी। तिवारी ने इस डील के संभावित प्रभावों पर संसद में विस्तृत बहस की जरूरत बताई।
बता दें, कांग्रेस सांसद ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कथित बयान का भी जिक्र किया, जिसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस से तेल खरीद बंद करने और अमेरिका तथा वेनेजुएला से तेल आयात में बड़ी बढ़ोतरी के लिए सहमत हुए थे। इसके साथ ही भारतीय टैरिफ और नॉन-टैरिफ बैरियर को शून्य करने और 500 अरब डॉलर से अधिक के अमेरिकी सामान की खरीद को लेकर भी चर्चा की मांग की गई।
एडजर्नमेंट मोशन में तिवारी ने कहा कि यदि ऐसे वादे वास्तव में किए गए हैं, तो इसका सीधा असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा, कीमतों की स्थिरता और स्वतंत्र विदेश नीति पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि रूसी कच्चे तेल की खरीद से देश में ईंधन की महंगाई को नियंत्रित करने में मदद मिली है और सोर्सिंग में किसी भी तरह का अचानक बदलाव आम नागरिकों और उद्योग जगत पर भारी बोझ डाल सकता है।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि बड़े पैमाने पर दी गई ट्रेड रियायतें घरेलू मैन्युफैक्चरिंग, किसानों और MSME सेक्टर को नुकसान पहुंचा सकती हैं। तिवारी ने सरकार से आग्रह किया कि इन मुद्दों पर तुरंत बयान दिया जाए और सदन में पूरी चर्चा की अनुमति दी जाए, ताकि देश को ट्रेड, ऊर्जा और विदेश नीति से जुड़े अहम फैसलों की जानकारी मिल सके।
इस बीच, संसद के दोनों सदनों में बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा जारी है। लोकसभा में यह प्रस्ताव सर्बानंद सोनोवाल ने पेश किया, जिसका समर्थन तेजस्वी सूर्या ने किया। इस पर चर्चा के लिए कुल 18 घंटे का समय निर्धारित किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बुधवार को लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने की उम्मीद थी, लेकिन विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के चलते सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। अब उम्मीद है कि प्रधानमंत्री आज राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब दे सकते हैं।
बजट सत्र कुल 65 दिनों में 30 बैठकों के साथ 2 अप्रैल को समाप्त होगा। दोनों सदन 13 फरवरी को अवकाश पर जाएंगे और 9 मार्च को दोबारा शुरू होंगे, ताकि संसदीय स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की अनुदान मांगों की जांच कर सकें।









