
नई दिल्ली: सर्दियों की शुरुआत होते ही घरों में रजाई और कंबल निकलने लगते हैं। बाजार में इन दिनों कॉटन और फाइबर की रजाइयों के कई विकल्प मौजूद हैं। पहली नजर में दोनों रजाइयां एक जैसी लग सकती हैं, लेकिन वजन, गर्माहट, रखरखाव और इस्तेमाल के मामले में दोनों में काफी अंतर होता है। ऐसे में रजाई खरीदते समय मौसम और अपनी जरूरत को ध्यान में रखना जरूरी है।
कॉटन रजाई देती है प्राकृतिक गर्माहट
कॉटन यानी रूई से बनी रजाई भारतीय घरों में लंबे समय से इस्तेमाल होती आ रही है। इसमें प्राकृतिक रूई भरी होती है, जो शरीर की गर्मी को बनाए रखने में मदद करती है। अच्छी क्वालिटी की कॉटन रजाई ठंड के मौसम में अच्छी गर्माहट दे सकती है।
हालांकि, कॉटन रजाई आमतौर पर फाइबर रजाई की तुलना में भारी होती है। इसे उठाने, मोड़ने और रखने में ज्यादा जगह की जरूरत पड़ सकती है। समय के साथ रूई एक जगह इकट्ठी हो सकती है, इसलिए इसे समय-समय पर धूप दिखाना और ठीक तरह से स्टोर करना जरूरी होता है।
कॉटन रजाई खरीदते समय रूई की क्वालिटी और सिलाई जरूर जांचें। रूई अच्छी तरह फैली हो और सिलाई मजबूत हो तो रजाई लंबे समय तक इस्तेमाल की जा सकती है।
फाइबर रजाई हल्की और आसान
फाइबर रजाई में आमतौर पर सिंथेटिक फाइबर यानी कृत्रिम रेशों का इस्तेमाल किया जाता है। इसका सबसे बड़ा फायदा इसका हल्का वजन है। इसे आसानी से उठाया, मोड़ा और स्टोर किया जा सकता है।
फाइबर रजाई अलग-अलग GSM में आती हैं। GSM से रजाई में इस्तेमाल किए गए फाइबर की मात्रा का पता चलता है। आमतौर पर ज्यादा GSM वाली रजाई अधिक भारी और ज्यादा गर्म हो सकती है। इसलिए केवल फाइबर रजाई देखकर फैसला करने के बजाय उसकी GSM और फिलिंग की जानकारी भी जरूर देखें।
कई फाइबर रजाइयां मशीन वॉश के लिए उपयुक्त होती हैं, लेकिन हर रजाई को मशीन में धोना सही नहीं होता। इसलिए खरीदने से पहले उस पर दिए गए केयर लेबल और वॉशिंग निर्देश जरूर पढ़ें।
कॉटन या फाइबर, आपके लिए कौन सी बेहतर?
अगर आपको पारंपरिक रजाई पसंद है, वजन से परेशानी नहीं है और आपके इलाके में ज्यादा ठंड पड़ती है, तो अच्छी क्वालिटी की कॉटन रजाई आपके लिए एक विकल्प हो सकती है। वहीं, अगर आप हल्की और आसानी से संभाली जा सकने वाली रजाई चाहते हैं तो फाइबर रजाई सुविधाजनक हो सकती है।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए रजाई खरीदते समय वजन और देखभाल दोनों का ध्यान रखना जरूरी है। एलर्जी या सांस से जुड़ी परेशानी वाले लोगों को रजाई का मटेरियल चुनते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
रजाई खरीदते समय सिर्फ कीमत को आधार न बनाएं। उसकी गर्माहट, वजन, फिलिंग की क्वालिटी, सिलाई, वॉश इंस्ट्रक्शंस और आपके इलाके के मौसम को ध्यान में रखकर ही फैसला करें।









