क्यूबा के राजदूत का US मिलिट्री कार्रवाई पर बयान,वेनेजुएला पर हमला ‘गैर-कानूनी’

डेस्क : क्यूबा के भारत स्थित राजदूत, जुआन कार्लोस मार्सन एगुइलेरा ने हाल ही में वेनेजुएला पर US मिलिट्री हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे एक “गैर-कानूनी मिलिट्री हमला” करार देते हुए कहा कि यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता के खिलाफ है। क्यूबा के राजदूत ने इसके बाद निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की तत्काल रिहाई की मांग की।

राजदूत ने इस हमले को “कोल्ड वॉर” के समय की नीतियों से जोड़ते हुए इसे 19वीं सदी की साम्राज्यवादी नीतियों के समान बताया। एगुइलेरा ने ANI से बात करते हुए कहा, “3 जनवरी को मुझे एक कॉल मिली और बताया गया कि US ने वेनेजुएला पर हमला किया है। यह मुझे पूरी तरह से हैरान कर गया। ऐसा कभी नहीं सोचा था कि हम वापस कोल्ड वॉर में लौटेंगे।”

पाकिस्तान, वेनेजुएला और अमेरिका के बीच जटिल समीकरण

शनिवार को, US ने वेनेजुएला के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमला किया और मादुरो तथा उनकी पत्नी को पकड़ा और देश से बाहर ले गया। उन पर ड्रग ट्रैफिकिंग और नार्को-टेररिज़्म के आरोप लगाए गए हैं। यह हमले के बाद मादुरो और उनके करीबी सहयोगियों के खिलाफ न्यूयॉर्क के सदर्न डिस्ट्रिक्ट में केस दर्ज किया गया।

एगुइलेरा ने कहा, “यह पूरी तरह से गैर-कानूनी था और यूनाइटेड नेशंस के इंटरनेशनल लॉ के प्रिंसिपल्स का उल्लंघन है। ऐसा कदम 21वीं सदी में किसी भी देश से नहीं आना चाहिए।”

क्यूबा की स्थिति और US के खिलाफ आरोप

क्यूबा के राजदूत ने अमेरिकी प्रशासन पर क्यूबा की आर्थिक नाकेबंदी का आरोप भी लगाया, विशेष रूप से ट्रंप प्रशासन के दौरान किए गए 243 कदमों का। उन्होंने कहा, “US क्यूबा की इकॉनमी का गला घोंटने के लिए सभी प्रयास कर रहा है। अब, वे वेनेजुएला और रूस से क्यूबा को होने वाली तेल आपूर्ति पर रोक लगाने की कोशिश कर रहे हैं।”

राजदूत ने यह भी आरोप लगाया कि US “मोनरो डॉक्ट्रिन” का एक मॉडर्न वर्शन लागू कर रहा है, जिससे वह लैटिन अमेरिका और कैरेबियन देशों पर अपनी सामरिक और प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है।

नॉन-अलाइंड मूवमेंट और BRICS से अपील

एगुइलेरा ने ग्लोबल साउथ और नॉन-अलाइंड मूवमेंट (NAM) के देशों से इंटरनेशनल कम्युनिटी के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा, “हम इस पॉलिसी को स्वीकार नहीं कर सकते। कोई भी देश US को एकतरफ़ा अपनी नीतियों में बदलाव करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। लेकिन हम सब मिलकर अपने विचारों की रक्षा कर सकते हैं।”

क्यूबा के राजदूत जुआन कार्लोस मार्सन एगुइलेरा का यह बयान वैश्विक राजनीति में एक बार फिर से US की एकतरफ़ा कार्रवाई के खिलाफ आवाज़ उठाने के रूप में देखा जा रहा है। उनके बयान ने न केवल वेनेजुएला के खिलाफ की गई कार्रवाई पर सवाल उठाया है, बल्कि लैटिन अमेरिका और क्यूबा के खिलाफ US के रुख को भी चुनौती दी है।

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