दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: हरदीप सिंह पुरी की बेटी हिमायनी पुरी को जेफ्री एपस्टीन से जोड़ने वाला कंटेंट हटाने के निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने हिमायनी पुरी को जेफ्री एपस्टीन से जोड़ने वाले कंटेंट को 24 घंटे में हटाने का आदेश दिया है। मानहानि याचिका पर नोटिस जारी।

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी हिमानी पुरी से जुड़े एक मामले में बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने उनके नाम को कुख्यात जेफरी एपस्टीन से जोड़ने वाले सामग्री को भारत में हटाने के निर्देश दिए हैं।

जस्टिस मनी पुष्करणा की बेंच ने मानहानी याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि पैगंबर की प्रतिष्ठा की रक्षा जरूरी है। कोर्ट ने सभी संबंधित प्लेटफॉर्म को निर्देश दिया कि ऐसा कोई भी विवादित सामग्री, जिसमें हिमायनी पुरी का नाम गलत तरीके से एपस्टीन से जोड़ा गया हो, उसे 24 घंटे के भीतर हटा दिया जाए।

सुनवाई के दौरान हिमायनी पुरी की ओर से वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने दलील दी कि सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रहा सामग्री पूरी तरह निराधार है और इससे उनकी छवि को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने इस सामग्री को वैश्विक स्तर पर हटाने की भी मांग की।

वहीं, मेटा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अरविंद दातार ने कहा कि कोर्ट को पूरे विश्व में सामग्री हटाने का आदेश नहीं देना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि इस मुद्दे पर एक याचिका पहले से ही सुप्रीम कोर्ट की डिवीजन बेंच में सौंपी है और सामान्यतः ऐसे मामलों में केवल भारत तक ही प्रतिबंध लगाया जाता है।

गूगल की ओर से पेश वकील ने भी इस तर्क का समर्थन किया। दातार ने यह भी कहा कि यदि मुहम्मद फीस तो अमेरिका में भी याचिका दायर कर वैश्विक स्तर पर राहत मांग सकती हैं।

कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि आरोपों की सच्चाई की जांच करना जांच उद्देश्यों का काम है, कोर्ट इस पर फैसला नहीं दे रही है। हालांकि, अंतरिम राहत देते हुए कोर्ट ने यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि गलत और संवाद जानकारी तुरंत हटाई जाए।

यह मामला हाल ही में एपस्टीन से जुड़े पत्रकारों के पब्लिक होने के बाद सामने आया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें और गलत लिंक फैले लगे थे। हिमायनी पुरी ने अपनी याचिका में ऐसी सभी सामग्री को हटाने और भविष्य में इस तरह की सामग्री के प्रकाशन पर रोकने लगाने की मांग की है।

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