राजस्थान में बेरोजगार अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, REET में पदों को बढ़ाने के लिए दो महीने से दे रहे हैं धरना…

अभ्यर्थियों का आरोप है कि गहलोत सरकार ने REET के पदों को वसुंधरा राजे सिंधिया की सरकार की तुलना में कम कर दिया है। उनका कहना है कि वसुंधरा राजे सिंधिया की सरकार थी तब इसी परीक्षा में 50,000 पदों पर नियुक्ति होती थी लेकिन अशोक गहलोत की सरकार ने इन पदों को बड़ी संख्या में कम कर दिया है और बेरोजगार अभ्यर्थियों से रोजगार के लिए अवसर छीन लिए हैं।

एक तरफ यूपी में डीएलएड प्रशिक्षक जहां धरने पर हैं तो वहीं दूसरी तरफ राजस्थान से भी शिक्षक बनने की आशा लिए बेरोजगार अभ्यर्थियों के भी धरने और आंदोलन की खबरें आ रही हैं। कांग्रेस शासित इस राज्य में राजस्थान की शिक्षक पात्रता परीक्षा (REET) के अभ्यर्थी पिछले दो महीने से आंदोलन कर रहे हैं।

दरअसल, राजस्थान में शिक्षक भर्ती के लिए निर्धारित परीक्षा REET Recruitment Exam 2021 का आयोजन 26 सितंबर 2021 को किया गया था जिसमें 31,000 पद थे। अभ्यर्थियों का राज्य की गहलोत सरकार पर यह आरोप है कि इन्होने पिछली सरकार कि तुलना में REET परीक्षा में पदों को कम कर दिया है। सभी प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी इन्हीं 31,000 पदों को बढ़ाकर कम से कम 50,000 करने कि मांग कर रहे हैं।

अभ्यर्थियों का आरोप है कि गहलोत सरकार ने REET के पदों को वसुंधरा राजे सिंधिया की सरकार की तुलना में कम कर दिया है। उनका कहना है कि वसुंधरा राजे सिंधिया की सरकार थी तब इसी परीक्षा में 50,000 पदों पर नियुक्ति होती थी लेकिन अशोक गहलोत की सरकार ने इन पदों को बड़ी संख्या में कम कर दिया है और बेरोजगार अभ्यर्थियों से रोजगार के लिए अवसर छीन लिए हैं।

बता दें कि REET Recruitment Exam की घोषणा साल 2018 में ही कर दी गई थी लेकिन कोविड और कई अन्य कारणों के चलते इसे बार-बार निरस्त किया जाता रहा और अंततः इस भर्ती परीक्षा का आयोजन साल 2021 में किया गया। इसी परीक्षा को लेकर पिछले दो महीने से REET अब्यर्थी आंदोलनरत हैं और ट्विटर पर बड़ा कैंपेन चलते हुए राजस्थान कीगहलोत सरकार के प्रति रोष व्यक्त कर रहे हैं।

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