
वाराणसी। देव दीपावली से पहले केंद्र सरकार ने काशी को प्रदूषण मुक्त बनाए जाने के लिए रविदास घाट पर नौकाओं के लिए फ्लोटिंग मोबाइल रि-फ्यूलिंग (एमआरयू) सीएनजी स्टेशन की शुरुआत रविवार को किया। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने रविदास घाट पर बने वाराणसी के दूसरे सीएनजी रि-फ्यूलिंग स्टेशन का उद्घाटन किया। नमो घाट सीएनजी स्टेशन के पश्चात नौकाओं में सीएनजी भरने के लिए यह देश का दूसरा ऐसा स्टेशन निर्मित किया गया है। काशी में दोनो स्टेशनों को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के नियंत्रणाधीन महारत्न पीएसयू गेल इंडिया लिमिटेड द्वारा निर्मित किया गया है।

वाराणसी के घाटों के दोनो छोर पर बना सीएनजी रि -फ्यूलिंग स्टेशन
वाराणसी के रविदास घाट पर केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी के द्वारा स्टेशन के उद्घाटन के साथ ही नौका के लिए काशी के घाटों के दोनो छोर पर फ्लोटिंग सीएनजी स्टेशन की सुविधा मिलने लगी। इससे पहले वर्ष 2021 में नमो घाट पर पहला फ्लोटिंग सीएनजी स्टेशन की शुरुआत किया गया था। गेल द्वारा फ्लोटिंग स्टेशनों को लगभग 17.5 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है। वाराणसी में पंजीकृत 890 में से 735 ऐसी नौकाओं को गेल के सीएसआर कार्यक्रम के तहत 18 करोड़ रुपये की लागत से सीएनजी में परिवर्तित किया गया है।

फ्लोटिंग सीएनजी स्टेशन से नाविकों को मिलेगा लाभ, कम लागत में होगा नौका का संचालन
सीएनजी डीजल की तुलना में अधिक कुशल ईंधन है, अतः इससे नाविकों को अधिक बचत होती है, क्योंकि पुराने डीजल इंजनों को कुशल सीएनजी इंजनों में परिवर्तित करने के कारण उन्हें लगभग 35-40% अधिक माइलेज मिल रहा है (1 किलोग्राम सीएनजी 1.39 लीटर पेट्रोल और 1.18 लीटर डीजल के बराबर ऊर्जा प्रदान करती है)। औसतन रूप से यह अनुमान लगाया गया है कि प्रत्येक नाविक ईंधन के रूप में सीएनजी का उपयोग करके संभावित रूप से लगभग 36,000 रुपये बचा सकता है।

इस मौके पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि “फ्लोटिंग सीएनजी स्टेशन को स्थापित करने का निर्णय स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में परिवर्तनकारी शक्ति में हमारे विश्वास का प्रमाण है।” काशी के रविदास घाट पर बने फ्लोटिंग सीएनजी स्टेशन से नाविकों को बड़ी सुविधा मिलेगी क्योंकि उन्हें ईंधन भरने के लिए नमो घाट तक नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय और धन की बचत होगी।
रिपोर्ट : नीरज कुमार जायसवाल, वाराणसी









