UP News: श्रमिकों के उपद्रव पर डीएम सख्त, बोले- एजेंसी होगी ब्लैकलिस्ट, लाइसेंस भी होगा रद्द

नोएडा में श्रमिकों के हालिया प्रदर्शन और हिंसा के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है।

नोएडा में श्रमिकों के हालिया प्रदर्शन और हिंसा के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर की अध्यक्षता में मंगलवार को विभिन्न औद्योगिक इकाइयों की आउटसोर्सिंग एजेंसी और संविदाकारों के साथ अहम बैठक हुई। बैठक में डीएम ने दो टूक कहा कि अगर किसी भी एजेंसी के कार्मिक या श्रमिक ने उपद्रवी व्यवहार किया तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की होगी। ऐसे में एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करते हुए उसका लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

न्यूनतम वेतन पर सख्त निर्देश

जिलाधिकारी ने राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का हवाला देते हुए सभी संविदाकारों को शत-प्रतिशत अनुपालन के निर्देश दिए। डीएम ने बताया कि अकुशल श्रमिक के लिए 13,690, अर्धकुशल के लिए 15,059 और कुशल श्रमिक के लिए 16,868 रुपये प्रतिमाह वेतन निर्धारित है। उन्होंने कहा कि वेतन सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में हस्तांतरित किया जाए। नियमों का उल्लंघन या श्रमिकों का शोषण करने पर सख्त कार्रवाई होगी।

औद्योगिक शांति बनाए रखने की अपील

डीएम ने कहा कि उद्योग, श्रमिक और नियोजक तीनों एक-दूसरे के पूरक हैं। उद्योगों का सुचारु संचालन रोजगार को सुरक्षित रखता है और नियोजकों की स्थिरता से श्रमिकों का भविष्य सुनिश्चित होता है। औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होने से सभी पक्षों के साथ प्रदेश के समग्र विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने सभी से अफवाहों पर ध्यान न देने और आपसी सहयोग से काम करने की अपील की। साथ ही भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार श्रमिकों और नियोजकों दोनों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व अतुल कुमार, डीडी फैक्ट्री बृजेश समेत संबंधित विभागों के अधिकारी और विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के संविदाकार मौजूद रहे।

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