
लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) से जुड़े गंभीर मामले में जूनियर रेजिडेंट डॉ. रमीजउद्दीन नायक की रिमांड के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, अवैध गर्भपात और अन्य गंभीर मामलों के आरोपी रमीज की निशानदेही पर पुलिस ने दो लैपटॉप बरामद किए हैं। दोनों लैपटॉप में आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री के अलावा कई संवेदनशील जानकारियां भी पाई गई हैं।
रमीज ने अपने लैपटॉप में 13 वर्षों का डेटा स्टोर किया हुआ था। इसमें उसकी निजी गतिविधियों के रिकॉर्ड के साथ-साथ मेडिकोज ग्रुप से जुड़े संदिग्ध संपर्क और कई युवतियों के अश्लील वीडियो शामिल थे। पुलिस का मानना है कि यह डेटा पूरे आपराधिक नेटवर्क की रीढ़ साबित हो सकता है। फिलहाल डेटा की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच जारी है।
सोमवार को दोपहर एक बजे चौक पुलिस ने रमीजुद्दीन नायक को 48 घंटे की रिमांड पर लिया। पहले दिन पांच घंटे की पूछताछ में उससे 40 सवाल किए गए, जबकि दूसरे दिन पूछताछ जारी रही। कुल मिलाकर अब तक 80 से अधिक सवाल पूछे जा चुके हैं। पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर बरामद दोनों लैपटॉप में बेहद आपत्तिजनक और चौंकाने वाला कंटेंट मिला।
पुलिस सूत्रों के अनुसार रमीज पिछले 13 वर्षों से अपनी हर गतिविधि को डिजिटल रूप से रिकॉर्ड कर रहा था। जिन युवतियों से उसका संपर्क होता था, उनके अश्लील वीडियो बनाकर सुरक्षित कर लेता था। बरामद डेटा में दस से अधिक युवतियों के वीडियो शामिल हैं, जिनमें उसकी पहली पत्नी और अन्य लड़कियों के वीडियो भी हैं। पुलिस का मानना है कि ये वीडियो ब्लैकमेलिंग और दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाते थे।
इसके अलावा, रमीज ने कथित रूप से कालगर्ल्स का विस्तृत डेटा भी एक अलग फोल्डर में जमा किया था। इसमें नाम, संपर्क और अन्य जानकारियां शामिल हैं। हालांकि, रमीज ने इस डेटा का उद्देश्य नहीं बताया। पुलिस को शक है कि इसका इस्तेमाल अवैध गतिविधियों और बड़े रैकेट के संचालन में होता रहा होगा।
जांच में यह भी सामने आया कि रमीज नशे का आदी था और कई बार नशे की हालत में आपत्तिजनक गतिविधियों को अंजाम देता था। पूछताछ के दौरान उसने केजीएमयू के मेडिकोज ग्रुप और इसके तीन मददगारों के नाम साझा किए। पुलिस का मानना है कि रमीज इस समूह के जरिए मेडिकल छात्रों और अन्य युवाओं तक अपना प्रभाव फैलाता था। रिमांड पूरी होने के बाद रमीज को लखनऊ जिला जेल भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले को बड़े आपराधिक नेटवर्क के तौर पर देख रही है और आगे की जांच जारी है।









