
नई दिल्ली में आयोजित ऐतिहासिक बिम्सटेक (BIMSTEC) गृह मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे पर बेहद सख्त रुख अपनाया है। बैठक को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि ड्रग्स का अवैध कारोबार और आतंकवाद एक-दूसरे के पर्याय बन चुके हैं, क्योंकि ड्रग्स से होने वाली कमाई का इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस खतरनाक गठजोड़ को तोड़ने के लिए सभी सदस्य देशों को मिलकर एक साझा और निर्णायक रणनीति बनानी होगी।गृह मंत्री अमित शाह ने बैठक के दौरान कहा कि भारत हमेशा से क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और आपसी सहयोग के समाधान के पक्ष में रहा है।
उन्होंने रेखांकित किया कि दक्षिण एशिया और बंगाल की खाड़ी से जुड़े इन देशों के सामने ट्रांसनेशनल क्राइम्स (सीमा पार के अपराध), आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी (Drug Trafficking), मानव तस्करी और साइबर खतरों जैसी बड़ी चुनौतियां मुंह बाए खड़ी हैं। इन तमाम चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग (Regional Security Cooperation) को मजबूत करना इस समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
शाह ने संगठित आपराधिक सिंडिकेट्स और अपराधी संगठनों को पूरी तरह कमजोर करने के लिए खुफिया जानकारियों के समय पर आदान-प्रदान (Intelligence Sharing) और मजबूत कानूनी ढांचे पर जोर दिया। इसके साथ ही, उन्होंने मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल की बात कही। भारत की मेजबानी में हो रही इस पहली उच्चस्तरीय बैठक को रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह क्षेत्र में आतंकवाद और संगठित अपराधों के खिलाफ सामूहिक लड़ाई को एक नई दिशा देगी।









