
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल से जुड़े ‘लवली ग्रुप’ के विभिन्न ठिकानों पर बड़े स्तर पर छापेमारी की। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के कथित उल्लंघन के मामले में की जा रही है। दिलचस्प बात यह है कि यह छापेमारी अशोक मित्तल को राज्यसभा में राघव चड्ढा की जगह पार्टी का उपनेता नियुक्त किए जाने के ठीक 13 दिन बाद हुई है।
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी समेत कई ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन
दिल्ली से पहुंची ईडी की विशेष टीमों ने सुबह एक साथ जालंधर और फगवाड़ा में ‘लवली ग्रुप’ के व्यावसायिक और शैक्षणिक संस्थानों पर दस्तक दी। जांच के दायरे में फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU), लवली ऑटोस, लवली स्वीट्स और लवली डिस्टेंस एजुकेशन सेंटर शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीम वित्तीय लेनदेन और विदेशी फंड्स से जुड़े दस्तावेजों की गहनता से जांच कर रही है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
अशोक मित्तल को हाल ही में 2 अप्रैल को आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में राघव चड्ढा के स्थान पर नया उपनेता मनोनीत किया था। पार्टी में बढ़ते कद और नई जिम्मेदारी के तुरंत बाद हुई इस केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई ने राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। राजनीतिक गलियारों में इस ‘टाइमिंग’ को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
FEMA उल्लंघन का है मामला
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला फेमा (FEMA) के प्रावधानों के उल्लंघन से जुड़ा है। ईडी की टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या ग्रुप द्वारा किए गए विदेशी लेनदेन में नियमों की अनदेखी की गई है। फिलहाल, छापेमारी जारी है और परिसर के बाहर सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। अभी तक एजेंसी या अशोक मित्तल की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।









