
रामपुर। उत्तर प्रदेश के रामपुर से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आज़म खां की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। लंबे समय बाद जैसे ही आज़म खां जेल से रिहा होकर बाहर आए, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने उन्हें तुरंत अपनी हिरासत में ले लिया। रिहाई के तुरंत बाद हुई इस अचानक कार्रवाई से उनके समर्थकों और राजनीतिक हलकों में भारी हड़कंप मच गया है। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों की मौजूदगी में ईडी की टीम उन्हें अपने साथ ले गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईडी ने इसी महीने 14 अक्टूबर को आज़म खां के खिलाफ नया मुकदमा दर्ज किया था। यह पूरी कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के मामले में की जा रही है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि जौहर ट्रस्ट के खातों और निर्माण कार्यों में करीब 494 करोड़ रुपये के बड़े लेनदेन का कोई स्पष्ट हिसाब-किताब पेश नहीं किया जा सका है।
ईडी लंबे समय से जौहर ट्रस्ट को मिली फंडिंग और जमीनों के अधिग्रहण के स्रोतों की गहन जांच कर रही है। इससे पहले भी ट्रस्ट से जुड़ी संपत्तियों की जांच और पूछताछ की जा चुकी है। अब रिहाई के ठीक बाद ईडी द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद यह तय माना जा रहा है कि इस मामले में आज़म खां से कड़ाई से पूछताछ की जाएगी और आने वाले दिनों में उनकी कानूनी अड़चनें और बढ़ सकती हैं।









