
SIR की प्रक्रिया देश के कई राज्यों में चल रही है…पिछले काफी समय से SIR को लेकर काफी ज्यादा चर्चाएं भी चल रही थी.
SIR का काम ही है मतदाता सूची को शुद्ध और अपडेट करना. साथ ही इसका काम ये है कि उन लोगों का नाम वोटर लिस्ट से हट जाए जो मर चुके हैं और फिर दो स्थानों पर उनका पता हो.इसके अलावा नए वोटरों को भी जोड़ना…पर SIR की प्रक्रिया एक मामला काफी ज्यादा हाईलाइट हुआ है…जिसकी काफी ज्यादा चर्चा हुई है….
हाल ही में, भारत के पूर्व नेवी चीफ एडमिरल अरुण प्रकाश (रिटायर्ड) को चुनाव आयोग से एक नोटिस प्राप्त हुआ, जिसमें उनसे और उनकी पत्नी से अपनी पहचान साबित करने को कहा गया. 82 साल के एडमिरल को यह नोटिस गोवा में मिला, जिसमें उन्हें निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपनी पहचान पेश करने के लिए कहा गया था, वरना उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया जा सकता था.
इस मामले में एडमिरल प्रकाश ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि चुनाव आयोग के अधिकारी उनके घर तीन बार आए थे, लेकिन फिर भी उनसे 18 किलोमीटर दूर पहचान साबित करने की मांग की गई. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि SIR प्रपत्र को संशोधित किया जाना चाहिए, ताकि इस तरह की समस्याओं से बचा जा सके.
वैसे जानकारी के लिए बता दें कि SIR की प्रक्रिया में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर सर्वे करते हैं. अगर किसी वोटर की जानकारी में गड़बड़ी पाई जाती है या वह घर पर नहीं मिलता, तो उसे सत्यापन के लिए चिह्नित किया जाता है.
यह घटनाक्रम चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाता है, खासकर जब इस प्रकार के नोटिस एक वरिष्ठ नागरिक को मिलते हैं.









