
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए कई क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण नीतियों को लागू किया है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, जो DoPT के प्रभारी मंत्री भी हैं, ने 16 मार्च 2025 को एक साक्षात्कार में प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) को यह जानकारी दी।
महिलाओं के लिए मोदी सरकार के बड़े फैसले
- तलाकशुदा और अलग रह रही बेटियों को वित्तीय सुरक्षा
पहले, तलाकशुदा या अलग रह रही बेटी को अपने मृतक माता-पिता की पारिवारिक पेंशन पाने के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। लेकिन नए नियम के तहत, यदि तलाक की प्रक्रिया पेंशनधारी के जीवित रहते ही शुरू हो गई थी, तो बेटी को कोर्ट के अंतिम फैसले का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वह सीधे पारिवारिक पेंशन के लिए दावा कर सकती है, जिससे उसे आर्थिक रूप से असहाय होने से बचाया जा सके।
- निःसंतान विधवाओं को राहत
सरकार ने निःसंतान विधवाओं के लिए भी एक बड़ा कदम उठाया है। यदि कोई विधवा दोबारा विवाह करती है, तो भी उसे अपने मृत पति की पारिवारिक पेंशन मिलती रहेगी, जब तक कि उसकी स्वयं की आय न्यूनतम पेंशन सीमा से कम हो।
यह नियम विधवाओं को आर्थिक स्थिरता प्रदान करता है और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने का अवसर देता है।
- घरेलू हिंसा झेल रहीं महिलाओं के लिए सुरक्षा
सरकार ने उन महिलाओं की कठिनाइयों को समझते हुए, जो घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना या तलाक की प्रक्रिया में हैं, उन्हें अपने बच्चों को पारिवारिक पेंशन के लिए पति के बजाय प्राथमिक नामांकित व्यक्ति (Nominee) के रूप में चुनने की अनुमति दी है। यदि महिला ने घरेलू हिंसा संरक्षण अधिनियम या दहेज निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया है, तो वह अपने पति की जगह अपने बच्चों को पेंशन का लाभार्थी बना सकती है।
- कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए सुविधाएं – चाइल्ड केयर लीव में लचीलापन
महिला कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव (CCL) के नियमों को अधिक लचीला बनाया गया है।
एकल माताओं को अब दो साल तक की छुट्टी चरणों में लेने की अनुमति होगी।
अब महिलाएं छुट्टी के दौरान अपने बच्चों के साथ विदेश यात्रा भी कर सकती हैं, जिससे वे अपने कार्य और निजी जीवन में बेहतर संतुलन बना सकेंगी।
- मातृत्व लाभ में विस्तार – गर्भपात या मृत जन्म पर भी मिलेगी छुट्टी
अब महिलाओं को गर्भपात (Miscarriage) या मृत जन्म
(Stillbirth) की स्थिति में भी सवेतन अवकाश (Paid Leave) मिलेगी। यह सुविधा महिला कर्मचारियों के लिए मानसिक और शारीरिक पुनर्वास (Recovery) में मददगार साबित होगी।
सरकार के ये फैसले महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक अधिकारों को मजबूत करने के लिए उठाए गए बड़े कदम हैं।