
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शिक्षकों के हित में एक बड़ा और राहत देने वाला फैसला लिया है। 29 जनवरी 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षकों और शिक्षा से जुड़े कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा को मंजूरी दे दी गई है। आसान शब्दों में कहें तो अब बीमारी या दुर्घटना की हालत में इलाज के लिए जेब ढीली करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
कैशलेस इलाज की सुविधा आखिर है क्या?
अब तक इलाज के समय पहले पैसा देना पड़ता था, फिर महीनों तक बिल और कागज़ लेकर रीइम्बर्समेंट के चक्कर लगाने पड़ते थे। नई व्यवस्था में यह झंझट खत्म हो जाएगी।
अब सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में सिर्फ कार्ड दिखाइए और इलाज कराइए नकद भुगतान की जरूरत नहीं।
किसे मिलेगा इस योजना का लाभ?
इस फैसले का फायदा सिर्फ शिक्षकों तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई लोगों को मिलेगा
बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के नियमित शिक्षक
अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) स्कूलों के शिक्षक
शिक्षामित्र और अनुदेशक
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की वॉर्डन और शिक्षक
प्रधानमंत्री पोषण योजना में काम करने वाले रसोइया
और इन सभी के आश्रित परिवार के सदस्य भी इस सुविधा में शामिल होंगे
यानी पूरा परिवार अब एक तरह के स्वास्थ्य सुरक्षा कवच के दायरे में आ जाएगा।
इस कैशलेस सुविधा की खास बातें
बिना नकद भुगतान इलाज: लिस्टेड सरकारी और निजी अस्पतालों में सीधे इलाज
सरकार उठाएगी खर्च: इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी
आपात स्थिति में राहत: गंभीर बीमारी या हादसे की हालत में तुरंत इलाज, बिना पैसों की चिंता
रीइम्बर्समेंट का झंझट खत्म: फाइलें, बिल और चक्कर सब बीते दिनों की बात
योगी सरकार का यह फैसला शिक्षकों के लिए एक बड़ी राहत की तरह है। जो लोग समाज की नींव मजबूत करने का काम करते हैं, उनके स्वास्थ्य की चिंता अब सरकार ने खुद उठाने का फैसला किया है। बीमारी के समय अब सवाल यह नहीं होगा कि “पैसे कहां से आएंगे?”, बल्कि सीधा इलाज मिलेगा वो भी सम्मान और सुविधा के साथ।








