Everest के 4 मसाले क्वालिटी टेस्ट में फेल, लैब रिपोर्ट में मिली पेस्टिसाइड और बैक्टीरिया की अधिक मात्रा

Everest के 4 मसाले—Garam Masala, Kitchen King, Kashmiri Lal और Meat Masala—लैब टेस्ट में फेल पाए गए। रिपोर्ट में पेस्टिसाइड और बैक्टीरिया की अधिक मात्रा सामने आई।

खाद्य पदार्थों में मिलावट के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। दूध, दही, पनीर और खोए के बाद अब मसालों को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में सामने आई एक लैब रिपोर्ट में Everest ब्रांड के चार मसाले क्वालिटी टेस्ट में फेल पाए गए हैं। इन मसालों में तय सीमा से अधिक पेस्टिसाइड और बैक्टीरिया मिलने की बात सामने आई है।

यह दावा Trustified नाम के एक यूट्यूब चैनल द्वारा 1 मार्च 2026 को अपलोड किए गए वीडियो में किया गया है। वीडियो के अनुसार चैनल ने Everest के चार मसालों—Everest Garam Masala, Everest Kitchen King Masala, Everest Kashmiri Lal Chilli Powder और Everest Meat Masala—को लैब टेस्ट के लिए भेजा था। इन मसालों को D-Mart से खरीदा गया था और हर मसाले के तीन-तीन पैक खरीदे गए थे, जिनमें से एक पैक जांच के लिए भेजा गया।

रिपोर्ट के मुताबिक Everest Garam Masala में दो पेस्टिसाइड—Acetamiprid और Azoxystrobin—FSSAI की तय सीमा से अधिक पाए गए। इसके अलावा इसमें Enterobacteriaceae नाम का बैक्टीरिया भी तय मानक से ज्यादा मात्रा में मिला।

Everest Kitchen King Masala में भी Enterobacteriaceae बैक्टीरिया तय सीमा से अधिक पाया गया। इसके साथ ही तीन पेस्टिसाइड—Thiamethoxam, Carbendazim/Benomyl और Carbendazim—भी अधिक मात्रा में मिले।

वहीं Everest Kashmiri Lal Chilli Powder में पेस्टिसाइड तय सीमा से ज्यादा नहीं पाए गए, लेकिन इसमें भी Enterobacteriaceae बैक्टीरिया की मात्रा निर्धारित मानक से अधिक पाई गई।

Everest Meat Masala की जांच में Enterobacteriaceae बैक्टीरिया के साथ चार पेस्टिसाइड—Ethion, Tebuconazole, Azoxystrobin और Fluopyram—तय सीमा से अधिक पाए गए। इस तरह चारों मसाले FSSAI के निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतर पाए।

धर्मशिला नारायणा सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली के GI सर्जरी और GI ऑन्कोलॉजी विभाग के डायरेक्टर डॉ. नीरज गोयल के मुताबिक Enterobacteriaceae बैक्टीरिया की एक बड़ी फैमिली होती है, जिसमें E. coli, Salmonella और Klebsiella जैसे बैक्टीरिया शामिल हैं। अगर मसालों में इनकी मात्रा ज्यादा पाई जाती है तो इसका मतलब है कि मसालों को सही तरीके से सुखाया या साफ नहीं किया गया है।

डॉक्टर के अनुसार लंबे समय तक ऐसे मसालों का सेवन करने से दस्त, पेट दर्द, उल्टी, फूड पॉइजनिंग और पेट के संक्रमण जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में इसका असर ज्यादा हो सकता है।

पेस्टिसाइड की अधिक मात्रा को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि यह खेती या प्रोसेसिंग के दौरान केमिकल्स के सही नियंत्रण न होने का संकेत हो सकता है। अगर लंबे समय तक शरीर में पेस्टिसाइड की मात्रा बढ़ती जाती है तो इसका असर लिवर, आंतों और नर्वस सिस्टम पर पड़ सकता है।

हालांकि विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि मसाले आमतौर पर कम मात्रा में खाए जाते हैं, इसलिए इनसे तुरंत गंभीर नुकसान होने का खतरा कम रहता है। फिर भी सुरक्षित रहने के लिए घर पर साबुत मसालों को पीसकर इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है। साथ ही बाजार से खरीदे मसालों को ड्राई रोस्ट करके इस्तेमाल करना और उन्हें सूखी व ठंडी जगह पर स्टोर करना भी जरूरी है।

Related Articles

Back to top button