ब्लीचिंग क्रीम के ज्यादा इस्तेमाल से स्किन पर हो सकती है नुकसान!, एक्सपर्ट की सलाह जरूरी

लेकिन अगर आप रोजाना ब्लीचिंग क्रीम का इस्तेमाल करते हैं, तो यह आपकी स्किन को नुकसान भी पहुंचा सकता है।

चेहरे पर इंस्टेंट निखार पाने के लिए ब्लीचिंग क्रीम का इस्तेमाल आम है, खासकर त्योहारों और फंक्शन्स से पहले। इसकी सस्ती कीमत और त्वरित रिजल्ट के कारण लोग इसे जमकर इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अगर आप रोजाना ब्लीचिंग क्रीम का इस्तेमाल करते हैं, तो यह आपकी स्किन को नुकसान भी पहुंचा सकता है।

कितनी बार लगाना चाहिए ब्लीचिंग क्रीम?
डॉक्टर युगल के अनुसार, ब्लीचिंग क्रीम का इस्तेमाल शुरुआत में एक्सपर्ट की सलाह लेकर 2 महीने तक लगातार किया जा सकता है। इसके बाद सप्ताह में 1 या 2 बार इसका उपयोग करने की सलाह दी जाती है। आमतौर पर मेलाज्मा जैसी स्किन समस्या वाले पेशंट्स को ब्लीचिंग क्रीम प्रिस्क्राइब की जाती है। हालांकि, स्किन टोन हल्का करने और ग्लो पाने के लिए भी लोग इसका इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसके ज्यादा इस्तेमाल से स्किन में समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

ब्लीचिंग क्रीम के नुकसान
लंबे समय तक ब्लीचिंग क्रीम का इस्तेमाल करने से हाइड्रोक्विनोन केमिकल स्किन की अंदरूनी परतों में जमा हो सकता है, जो समय के साथ डार्क हो जाता है और स्किन काली नजर आने लगती है। इसे एग्जोजीनस ओक्रोनोसिस कहा जाता है, और इसका इलाज करना मुश्किल होता है।

इसके अलावा, ब्लीचिंग क्रीम से एलर्जी, स्किन ड्राइनेस और रेडनेस जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। फेयर स्किन वाले लोग इसे आसानी से टॉलरेट कर लेते हैं, जबकि डार्क स्किन वाले लोगों को इससे एलर्जी और ड्राइनेस का खतरा ज्यादा होता है।

अगर आप ब्लीचिंग क्रीम का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो पहले डॉक्टर से कंसल्ट करें। गलत तरीके से ब्लीचिंग एजेंट का इस्तेमाल करने से स्किन को नुकसान हो सकता है। लोग अक्सर सस्ती कीमत और जल्दी रिजल्ट की चाहत में इसे कई महीनों तक इस्तेमाल करते रहते हैं, जो कि खतरनाक हो सकता है।

सैलून में इस्तेमाल होने वाली ब्लीच
सैलून में अक्सर हाई कंसंट्रेशन वाली ब्लीच का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे चेहरे पर इंस्टेंट निखार तो आता है, लेकिन स्किन समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए सही कंसंट्रेशन की ब्लीच का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

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