वेनेजुएला पर एक्शन और ट्रंप के बयान के बाद शेयर बाजार में बड़ी हलचल, कई बड़े शेयर हो गए धड़ाम

ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर भारत रूसी तेल आयात को लेकर अमेरिका की चिंताओं का समाधान नहीं करता

अमेरिका की वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई के बाद में इंटरनेशल शेयर मार्केट में काफी ज्यादा उथल पुथल देखने को मिली…वहीं भारतीय शेयर बाजार में भी काफी ज्यादा हलचल इस घटना के बाद से दिखाई दे रही है…भारतीय बाजार में गिरावट इतनी ज्यादा है कि लोग चौंक गए हैं ये देखकर.

इस गिरावट का असर यह हुआ कि बीएसई में लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण चार दिनों में लगभग 7.19 लाख करोड़ रुपये घटकर करीब 474 लाख करोड़ रुपये रह गया.चार दिनों में सेंसेक्स लगभग 1,442 अंक गिरा है, जबकि निफ्टी-50 405 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ.

गुरुवार के दिन की बात करें तो बीएसई सेंसेक्स 824.55 अंक (0.97 फीसदी) गिरकर 84136.59 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 में 273.10 अंकों (1.04 फीसदी) की गिरावट आई और यह 25867.65 पर बंद हुआ.

इतना ही नहीं इस गिरावट के पीछे की मुख्य कारण अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को माना जा रहा है…बता दें कि ट्रंप ने एक विधेयक का समर्थन किया है, जिसमें रूस से आयात होने वाले सामान पर 500 प्रतिशत तक शुल्क लगाने की बात कही गई है.

अब ट्रंप की इस बात पर कहा जा रहा था कि डोनाल्ड ट्रंप ऐसा करके दूसरे देशों पर दबाव बनाना चाहते है…इसमें भारत और चीन के साथ कई देश शामिल है.

हालांकि यह विधेयक अभी पारित नहीं हुआ है, लेकिन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने संकेत दिया है कि अगले सप्ताह इस पर वोटिंग हो सकती है। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर भारत रूसी तेल आयात को लेकर अमेरिका की चिंताओं का समाधान नहीं करता, तो भारतीय सामान पर और ज्यादा टैरिफ लगाए जा सकते हैं.वैसे अमेरिका कुछ भारतीय सामानों पर पहले ही 50 प्रतिशत तक शुल्क चढ़ा चुका है…

इतना ही नहीं भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर ट्रंप का एक बयान भी चर्चा में रहा है… जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा, “मैंने भारत को मेरे पास आते देखा, सर. वे कह रहे थे कि हम पांच साल से इंतजार कर रहे हैं, हम इसे बदल रहे हैं.” इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने 68 अपाचे हेलीकॉप्टर का ऑर्डर दिया है और प्रधानमंत्री मोदी खुद उनसे मिलने आए थे। साथ ही उन्होंने माना कि टैरिफ को लेकर मोदी उनसे खुश नहीं हैं.

गोल्डमैन के अनुसार, दिसंबर में गैर-कृषि रोजगार में करीब 70,000 की बढ़ोतरी हो सकती है और बेरोजगारी दर 4.5 प्रतिशत के आसपास रह सकती है.

इतना ही नहीं वैश्विक स्तर पर वेनेजुएला की राजनीतिक उथल-पुथल ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है. अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बाद निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस फिलहाल न्यूयॉर्क की जेल में हैं.जिस वजह से कच्चे तेल के वैश्विक बाजार पर और ज्यादा असर पड़ने की आशंका है.

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