
प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत करोड़ों रुपये के बड़े घोटाले और जालसाजी का मामला सामने आया है। योजना के नाम पर फर्जी पंजीकरण कराकर सरकारी धन का गबन करने वाले रैकेट का पर्दाफाश करते हुए पुलिस और जांच टीम ने तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस पूरे फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
बता दें, मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सीएससी संचालक शिवकुमार यादव, संविदा वीआरसी ऑपरेटर अनुराग गुप्ता और एक अन्य आरोपी जितेंद्र कुमार को अरेस्ट कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से 2 लैपटॉप, 5 मोबाइल फोन और बायोमैट्रिक फिंगरप्रिंट डिवाइस बरामद किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पात्र बताकर रजिस्ट्रेशन करने में किया जाता था। जांच अधिकारियों के मुताबिक, फर्जी तरीकों से अपात्रों के नाम जोड़कर योजना का पैसा ऐंठा गया।
इस मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फर्जी पंजीकरण कराने के आरोप में 3 लाख से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और उनके पूरे नेटवर्क का सुराग लगाने में जुटी हैं। प्रशासन का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और फर्जीवाड़े के जरिए हड़पी गई धनराशि की रिकवरी की जाएगी।









