Viral: भगवान को मिला आम आदमी का अधिकार, गणेश जी का आधार कार्ड आया सामनें

झारखंड के जमशेदपुर के साकची में बना गणपति की स्थापना एक ऐसे पंडाल में की गई है जो आधार कार्ड के तर्ज पर बनाया गया है. पूरे पंडाल को आधार कार्ड के तौर पर बेहद खूबसूरती के साथ डिजाईन किया गया है. इस पंडाल में भगावान गणेश का आधार बनाया गया है.

Desk: देश में इनदिनों गणेश उत्सव की धूम है. महाराष्ट्र के साथ देश के अन्य राज्यों में भी गणपति पूजन की धूम है. गणेश उत्सव का ये महात्यौहार 31 अगस्त से शुरु होकर 9 सितंबर तक चलेगा. इस बीच झारखंड में गणपति का एक पंडाल लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. आलम ये है कि इस पंडाल को देखनें दूर दूर से लोग आ रहे हैं और इसके साथ सेल्फी खींचा रहें हैं.

दरअसल झारखंड के जमशेदपुर के साकची में बना गणपति की स्थापना एक ऐसे पंडाल में की गई है जो आधार कार्ड के तर्ज पर बनाया गया है. पूरे पंडाल को आधार कार्ड के तौर पर बेहद खूबसूरती के साथ डिजाईन किया गया है. इस पंडाल में भगावान गणेश का आधार बनाया गया है. इस पंडाल में बकायदा गणेश जी का आधार नंबर भी दिया गया है, इसी के साथ उनका पूरा पता भी दिया गया है.

ये पंडाल लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. दूर दूर से से लोग इसे देखनें आ रहे हैं. साथ में इस पंडाल के साथ सेल्फी भी ले रहें हैं. आधार वाले इस पंडाल में भगवान गणेश की फोटो के साथ कार्ड नंबर भी लिखा हुआ है. इसमें लिखा है महादेव पुत्र श्री गणेश, कैलाश पर्वत, टॉप फ्लोर, मानसरोवर झील के पास टॉप फ्लोर, कैलाश पिनकोड- 000001. इसी के साथ बार कोड स्कैनर भी लगाया गया है, जिसपर स्कैन करनें के बाद से एक गूगल लिंक खुल जा रही है जिसमें गणेश जी की तस्वीरें प्रदर्शित हो रहीं हैं.

क्या कहतें हैं पूजा पंडाल के आयोजक

पूजा पंडाल के आयोजक नें इस पंडाल को बनानें के पीछे का कारण बताया. आयोजक सरव कुमार का कहना है कि कुछ दिन पहले वो कोलकत्ता गए थे जहां पर उनको ये खयाल आया. उनका कहना है कि पश्चिम बंगाल में दूर्गा पूजा के दौरान विभिन्न प्रकार के पंडाल बनाए जाते है जो आकर्षण के केन्द्र के साथ साथ कई प्रकार के जानकारियां भी देतें हैं.

इन्हीं बातों का ध्यान रखते हुए कुछ नया करनें का फैसला उन्होनें लिया. जिसके बाद इस प्रकार का पंडाल बनाया गया, आयोजक कुमार का कहना है कि आधार वाले इस पंडाल के पीछे ये उद्देश्य है कि सभी को आधार के प्रति जागरुक किया जाए. लोगों को बताया जाए कि आधार एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है और जिन्होंने इसे नही बनवाया है वो इसे बनवा लें. उन्होनें बताया कि इस पंडाल के माध्यम से संदेश देने की कोशिश की गई है कि यदि भगवान का आधार हो सकता है तो आप भी इसे बनवाएं और इसके फायदे को समझें.

ये आधार प्रेरित पंडाल सबके लिए चर्चा का विषय है. दूर दराज के लोग इस पंडाल को देखनें आ रहें है. साथ ही इसके साथ फोटो खींचाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट भी कर रहें है. अब देखनें वाली बात ये है कि इस आधार वाले पंडाल का क्या असर लोगों पर पड़ता है.

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