गोंडा में हुई दलित बुजुर्ग की हत्या का मामला, 4 साल में 14 बार बदले जांच, केस में फिर से आया एक नया मोड़

वैज्ञानिक साक्ष्यों के बजाए बयानों के आधार पर ही समीर सौरभ ने पीड़ित परिवार के मददगारों के खिलाफ ही चार्जशीट दाखिल की थी। 

Gonda Dalit murder Case: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में दलित बुजुर्ग रमई की हत्या के मामले में बिना वादी की जानकारी के 4 साल में 14 बार जांच में बदलाव हुआ। अब इस मामले में एक बार फिर से जांच बदली गई है। पीड़ित परिवार की शिकायत पर अब लखनऊ सेक्टर के एसपी निवेश कटियार हत्या की जांच करेंगे। इससे पहले सीबीसीआईडी के प्रयागराज सेक्टर प्रभारी समीर सौरभ से जांच कर रहे थे। अब इन्हें इस केस से हटा दिया गया है।

बता दें कि पीड़ित दलित परिवार ने समीर सौरभ की जांच को लेकर DG सीबीसीआईडी से की थी शिकायत की थी। वैज्ञानिक साक्ष्यों के बजाए बयानों के आधार पर ही समीर सौरभ ने पीड़ित परिवार के मददगारों के खिलाफ ही चार्जशीट दाखिल की थी। 

समीर सौरभ से पहले की जा रही जांच में नामजद आरोपियों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई शुरू हो चुकी थी। समीर सौरभ के पास जांच की जिम्मेदारी आते ही जांच की दिशा बदलते हुए नामजद आरोपियों को क्लीन चिट दे दिया था, और पीड़ित परिवार के मददगारों को ही आरोपी बना दिया था। पीड़ित परिवार की सिकायत के बाद अब  लखनऊ CBCID के प्रभारी निवेश कटियार जांच करेंगे। Scientific evidence के साथ पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट भी करवाया जाएगा।

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