
गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के दौरान चौरी-चौरा की ऐतिहासिक घटना का जिक्र किया। उन्होंने चौरी-चौरा के शहीदों को नमन करते हुए कहा कि 1922 की घटना के समय नेहरू जी पैरवी करने नहीं आए थे, जबकि मदन मोहन मालवीय जी ने पैरवी कर देशभक्तों को बचाया था। सीएम योगी ने कहा कि मालवीय जी ने 151 क्रांतिकारियों को फांसी से बचाया था।
मुख्यमंत्री ने लोगों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि हम लोगों को बंटना नहीं है। जब हम बंटे थे तो मुश्किल में पड़े थे। हमें जाति और क्षेत्र के नाम पर नहीं बंटना है। उन्होंने विपक्ष पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अराजकता फैलाने वालों को बढ़ावा नहीं देना चाहिए।
सीएम योगी ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि सपा सरकार में लोग सुरक्षित नहीं थे, जबकि भाजपा सरकार में लोग सुरक्षित हैं। अब यूपी में बेटियां और व्यापारी सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि पहले राह चलते व्यापारियों से लूट होती थी, लेकिन किसी व्यापारी को कष्ट नहीं होना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है और विपक्ष इसी बात से चिढ़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले जनता का पैसा डकारा जाता था, लेकिन अब कोई गरीब का पैसा नहीं ले सकता। आज देश में हर ओर विकास की चर्चा हो रही है।









